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Kotdwar News: सेतु के एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं का निलंबन गलत
Sun, 09 Aug 2026 07:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:40 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने देहरादून-पावंटा साहिब पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर नवनिर्मित सेतु के एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने के मामले में सहायक अभियंता अमित त्यागी और अपर सहायक अभियंता नवीन गैरोला के निलंबन का पुरजोर विरोध किया है। संघ की प्रांतीय, गढ़वाल मंडल और पौड़ी जनपद कार्यकारिणी ने निलंबन वापस लेने की मांग की है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि शासन की प्रारंभिक जांच में ही डिजाइन कंसल्टेंट की ओर से नदी मोड़ कार्य में नदी तल की अनुप्रस्थ ढलान और नदी की लहरदार प्रवृत्ति को पर्याप्त रूप से ध्यान में नहीं रखने और आवश्यक नदी नियंत्रण उपाय नहीं दिए जाने का उल्लेख है। इससे नदी का प्रवाह एक ओर केंद्रित हुआ और एप्रोच रोड की ओर भूमि कटाव हुआ।
संघ के अनुसार अभियंता स्वीकृत डिजाइन और तकनीकी प्रावधानों के अनुसार ही कार्य करा सकते हैं। अतिरिक्त सुरक्षात्मक कार्य के लिए उन्हें सीधे जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संघ अध्यक्ष सीडी सैनी, महामंत्री एपी सिंह, पौड़ी इकाई के जिलाध्यक्ष दीपेंद्र सिंह रावत, जिला सचिव मयंक सैनी, उपाध्यक्ष संतोष कुमार, कोषाध्यक्ष विशाखा चौहान समेत पदाधिकारियों ने डिजाइन, नदी प्रवाह, रगड़ और एप्रोच रोड धंसने के कारणों की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है।
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संघ पदाधिकारियों का कहना है कि शासन की प्रारंभिक जांच में ही डिजाइन कंसल्टेंट की ओर से नदी मोड़ कार्य में नदी तल की अनुप्रस्थ ढलान और नदी की लहरदार प्रवृत्ति को पर्याप्त रूप से ध्यान में नहीं रखने और आवश्यक नदी नियंत्रण उपाय नहीं दिए जाने का उल्लेख है। इससे नदी का प्रवाह एक ओर केंद्रित हुआ और एप्रोच रोड की ओर भूमि कटाव हुआ।
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संघ के अनुसार अभियंता स्वीकृत डिजाइन और तकनीकी प्रावधानों के अनुसार ही कार्य करा सकते हैं। अतिरिक्त सुरक्षात्मक कार्य के लिए उन्हें सीधे जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संघ अध्यक्ष सीडी सैनी, महामंत्री एपी सिंह, पौड़ी इकाई के जिलाध्यक्ष दीपेंद्र सिंह रावत, जिला सचिव मयंक सैनी, उपाध्यक्ष संतोष कुमार, कोषाध्यक्ष विशाखा चौहान समेत पदाधिकारियों ने डिजाइन, नदी प्रवाह, रगड़ और एप्रोच रोड धंसने के कारणों की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है।
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