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Kotdwar News: हाथी और जंगली जानवर बरबाद कर रहे फसल
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 28 Mar 2026 07:05 PM IST
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कोटद्वार। वार्ड-37 पश्चिमी झंडीचौड़ में हाथी लगातार खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बरबाद कर रहे हैं। न केवल किसानों को नुकसान हो रहा है बल्कि क्षेत्रवासियों में दहशत है।
पार्षद सुखपाल शाह ने बताया कि शुक्रवार रात में किसान मुकेश प्रसाद, अनसूया देवी आदि की खड़ी गेहूं की फसल को हाथी ने रौंद डाला। वहीं, रात के समय हाथी के अलावा सुअर व नीलगाय और दिन के समय बंदर भी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लंबे समय से हाथी सुरक्षा दीवार की मांग की जा रही है, लेकिर इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फसलों के बरबाद होने पर मुआवजे के नाम पर 400 से 500 रुपये तक मिल रहा है, जबकि किसान का नुकसान हजारों रुपये में हो रहा है।
पार्षद ने कहा कि पूर्व में वन विभाग जंगल से सटे हुए किसानों को गंधक, पोटाश, गांधी बंदूक व टॉर्च देता था। वर्तमान में सामान देना तो दूर वन विभाग के कर्मचारी रात्रि गश्त में भी नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बर्बाद हुई फसल का पर्याप्त मुआवजा पीड़ित किसान के परिवार को देने, फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाई और वनकर्मियों की सघनता के साथ रात्रि गश्त शुरू कराने की मांग की। संवाद
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पार्षद सुखपाल शाह ने बताया कि शुक्रवार रात में किसान मुकेश प्रसाद, अनसूया देवी आदि की खड़ी गेहूं की फसल को हाथी ने रौंद डाला। वहीं, रात के समय हाथी के अलावा सुअर व नीलगाय और दिन के समय बंदर भी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लंबे समय से हाथी सुरक्षा दीवार की मांग की जा रही है, लेकिर इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फसलों के बरबाद होने पर मुआवजे के नाम पर 400 से 500 रुपये तक मिल रहा है, जबकि किसान का नुकसान हजारों रुपये में हो रहा है।
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पार्षद ने कहा कि पूर्व में वन विभाग जंगल से सटे हुए किसानों को गंधक, पोटाश, गांधी बंदूक व टॉर्च देता था। वर्तमान में सामान देना तो दूर वन विभाग के कर्मचारी रात्रि गश्त में भी नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बर्बाद हुई फसल का पर्याप्त मुआवजा पीड़ित किसान के परिवार को देने, फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाई और वनकर्मियों की सघनता के साथ रात्रि गश्त शुरू कराने की मांग की। संवाद