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Kotdwar News: बीरोंखाल के बवांसा गांव में हर परिवार वायरल फीवर से ग्रसित
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 14 May 2026 07:44 PM IST
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पीड़ित लोग अस्पताल जाने की स्थिति में नहीं
गांव में मेडिकल टीम भेजने की उठाई मांग
कोटद्वार/बैजरो। बीरोंखाल ब्लॉक के तहत बवांसा गांव में वायरल फीवर का प्रकोप फैला हुआ है। स्थिति यह है कि प्रभावित ग्रामीण अस्पताल जाने की स्थिति में तक नहीं हैं और न ही उनकी देखभाल करने वाला ही कोई तीमारदार है। प्रभावित ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग की है।
बवांसा गांव निवासी यशवंत सिंह रावत, प्रतिभा, लीला देवी आदि ने बताया कि गांव में 30 परिवार हैं। प्रत्येक परिवार में तीन से चार सदस्य वायरल फीवर से पीड़ित हैं। अधिकांश ग्रामीणों के बीमार होने के कारण उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने वाला भी कोई नहीं है। कई परिवारों में एक साथ सभी के बीमार होने से उनकी देखरेख करने के लिए तीमारदार तक नहीं है। मुख्य सड़क से गांव दो किमी. की दूरी पर स्थित है। गांव जाने के लिए ग्रामीणों को खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। गांव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी 8 किमी के करीब हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में टीम भेजने की मांग की है।
डॉ. कविंद्र के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। टीम में लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट व एएनएम शामिल है। शुक्रवार को टीम गांव पहुंचकर वायरल फीवर से पीड़ित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां उपलब्ध कराएगी। साथ ही आवश्यकतानुसार जांचें भी की जाएंगी।
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- डॉ. शैलेंद्र सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी बीरोंखाल।
गांव में मेडिकल टीम भेजने की उठाई मांग
कोटद्वार/बैजरो। बीरोंखाल ब्लॉक के तहत बवांसा गांव में वायरल फीवर का प्रकोप फैला हुआ है। स्थिति यह है कि प्रभावित ग्रामीण अस्पताल जाने की स्थिति में तक नहीं हैं और न ही उनकी देखभाल करने वाला ही कोई तीमारदार है। प्रभावित ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग की है।
बवांसा गांव निवासी यशवंत सिंह रावत, प्रतिभा, लीला देवी आदि ने बताया कि गांव में 30 परिवार हैं। प्रत्येक परिवार में तीन से चार सदस्य वायरल फीवर से पीड़ित हैं। अधिकांश ग्रामीणों के बीमार होने के कारण उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने वाला भी कोई नहीं है। कई परिवारों में एक साथ सभी के बीमार होने से उनकी देखरेख करने के लिए तीमारदार तक नहीं है। मुख्य सड़क से गांव दो किमी. की दूरी पर स्थित है। गांव जाने के लिए ग्रामीणों को खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। गांव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी 8 किमी के करीब हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में टीम भेजने की मांग की है।
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डॉ. कविंद्र के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। टीम में लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट व एएनएम शामिल है। शुक्रवार को टीम गांव पहुंचकर वायरल फीवर से पीड़ित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां उपलब्ध कराएगी। साथ ही आवश्यकतानुसार जांचें भी की जाएंगी।
- डॉ. शैलेंद्र सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी बीरोंखाल।