{"_id":"6a46739c1000a33a7f0e3329","slug":"fear-of-the-leopard-persists-in-banasi-talli-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-124769-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: बणासी तल्ली में गुलदार का खौफ बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: बणासी तल्ली में गुलदार का खौफ बरकरार
Thu, 02 Jul 2026 07:50 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 02 Jul 2026 07:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वनकर्मियों और अभिभावकों की निगरानी में स्कूल पहुंचे बच्चे
ग्रामीण समूह बनाकर कर रहे आवाजाही
कोटद्वार/धुमाकोट। नैनीडांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सतखोलू के बणासी तल्ली गांव में गुलदार का खौफ पांचवें दिन भी बरकरार रहा। हालांकि बृहस्पतिवार को न तो गुलदार कहीं दिखाई दिया और न ही उसके गुर्राने की आवाज सुनाई दी। इसके बावजूद वन विभाग ने सतर्कता बनाए रखी है। शूटर गांव में डेरा डाले हुए है जबकि वनकर्मियों की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर गुलदार की तलाश में जुटी हैं।
ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र ने बताया कि मंगलवार अपराह्न के बाद से गुलदार की कोई चहलकदमी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर बणासी तल्ली के दो और बणासी मल्ला के 12 बच्चों को वनकर्मियों एवं अभिभावकों की निगरानी में दो किलोमीटर दूर कलिंगाखाल स्थित स्कूल भेजा गया। सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालय प्रशासन ने स्कूल को दो दिन के लिए बंद करने का निर्णय लिया है।
गुलदार के भय का असर ग्रामीणों की दिनचर्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है। महिलाएं दूरस्थ जंगलों और खेतों में जाने के बजाय घर के आसपास के खेतों से ही चारा-पत्ती जुटा रही हैं। वहीं, ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए भी समूह बनाकर सल्ड महादेव बाजार पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र के अरविंद सिंह नेगी ने बताया कि गंगासरी गांव निवासी भगत सिंह सुबह बाजार आ रहे थे। इस दौरान मंदिर के पास नदी में उन्हें गुलदार दिखाई दिया जिसके बाद वह लौट गए। बाद में अन्य ग्रामीणों के साथ समूह में बाजार पहुंचे। नेगी ने बताया कि दो दिन पहले बंसनोली गांव में गुलदार ने एक बैल को मार डाला था। गंगासरी गांव में एक गाय पर हमला कर उसे घायल कर दिया। रिंगल्टा और भलासारी गांव के बच्चों को भी अभिभावकों की निगरानी में किनाथ स्थित स्कूल भेजा गया।
दमदेवल के रेंजर सुभाष घिल्डियाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को क्षेत्र में गुलदार की कोई नई मूवमेंट नहीं मिली। इसके बावजूद वन विभाग की दो टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और गुलदार की तलाश जारी है।
दो दिन बंद रहेंगे स्कूल
बीईओ नैनीडांडा रवि सैनी ने बताया कि एसएमसी के प्रस्ताव पर प्राइमरी स्कूल व हाईस्कूल सल्ड महादेव व प्राइमरी स्कूल कलिंगाखाल में शुक्रवार व शनिवार को स्कूल बंद रहेंगे। साथ ही क्षेत्र के अन्य विद्यालयों को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यदि आगे विद्यालय बंद रखने की स्थिति आई तो मुख्य शिक्षा अधिकारी से अनुमति ली जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीण समूह बनाकर कर रहे आवाजाही
कोटद्वार/धुमाकोट। नैनीडांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सतखोलू के बणासी तल्ली गांव में गुलदार का खौफ पांचवें दिन भी बरकरार रहा। हालांकि बृहस्पतिवार को न तो गुलदार कहीं दिखाई दिया और न ही उसके गुर्राने की आवाज सुनाई दी। इसके बावजूद वन विभाग ने सतर्कता बनाए रखी है। शूटर गांव में डेरा डाले हुए है जबकि वनकर्मियों की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर गुलदार की तलाश में जुटी हैं।
ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र ने बताया कि मंगलवार अपराह्न के बाद से गुलदार की कोई चहलकदमी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर बणासी तल्ली के दो और बणासी मल्ला के 12 बच्चों को वनकर्मियों एवं अभिभावकों की निगरानी में दो किलोमीटर दूर कलिंगाखाल स्थित स्कूल भेजा गया। सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालय प्रशासन ने स्कूल को दो दिन के लिए बंद करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
गुलदार के भय का असर ग्रामीणों की दिनचर्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है। महिलाएं दूरस्थ जंगलों और खेतों में जाने के बजाय घर के आसपास के खेतों से ही चारा-पत्ती जुटा रही हैं। वहीं, ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए भी समूह बनाकर सल्ड महादेव बाजार पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र के अरविंद सिंह नेगी ने बताया कि गंगासरी गांव निवासी भगत सिंह सुबह बाजार आ रहे थे। इस दौरान मंदिर के पास नदी में उन्हें गुलदार दिखाई दिया जिसके बाद वह लौट गए। बाद में अन्य ग्रामीणों के साथ समूह में बाजार पहुंचे। नेगी ने बताया कि दो दिन पहले बंसनोली गांव में गुलदार ने एक बैल को मार डाला था। गंगासरी गांव में एक गाय पर हमला कर उसे घायल कर दिया। रिंगल्टा और भलासारी गांव के बच्चों को भी अभिभावकों की निगरानी में किनाथ स्थित स्कूल भेजा गया।
दमदेवल के रेंजर सुभाष घिल्डियाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को क्षेत्र में गुलदार की कोई नई मूवमेंट नहीं मिली। इसके बावजूद वन विभाग की दो टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और गुलदार की तलाश जारी है।
दो दिन बंद रहेंगे स्कूल
बीईओ नैनीडांडा रवि सैनी ने बताया कि एसएमसी के प्रस्ताव पर प्राइमरी स्कूल व हाईस्कूल सल्ड महादेव व प्राइमरी स्कूल कलिंगाखाल में शुक्रवार व शनिवार को स्कूल बंद रहेंगे। साथ ही क्षेत्र के अन्य विद्यालयों को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यदि आगे विद्यालय बंद रखने की स्थिति आई तो मुख्य शिक्षा अधिकारी से अनुमति ली जाएगी।