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Kotdwar News: डिफाल्टर इस्पात फैक्टरी की भूमि राज्य सरकार के नाम दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 14 May 2026 07:38 PM IST
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प्रयागराज हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन ने खाली पड़ी भूमि को किया निहित
कोटद्वार। बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र में इस्पात फैक्ट्री के डिफाल्टर हो जाने और वर्ष 2013 से खाली पड़ी औद्योगिक भूमि को जिला प्रशासन ने राज्य सरकार में निहित कर लिया है। जिला व तहसील प्रशासन ने यह कार्रवाई प्रयागराज हाईकोर्ट के आदेश पर की है। अधिकारियों के अनुसार यह भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकार के पक्ष में दर्ज करने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय प्रयागराज में विचाराधीन श्यामलाल इस्पात बनाम राज्य वाद के क्रम में न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र की 0.466 हेक्टेयर (करीब 7.2 बीघा) भूमि की पैमाइश के बाद राजस्व अभिलेखों में दर्ज की गई।
यूपी के जमाने में बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) ने की थी। तब श्यामलाल इस्पात को फैक्ट्री संचालन के लिए लगभग 0.466 हेक्टेयर (करीब 7.2 बीघा) भूमि लीज पर आवंटित की गई थी। समय के साथ कंपनी डिफॉल्टर हो गई। यूपीएसआईडीसी ने इस भूमि की नीलामी कराई, लेकिन बोलीदाता की ओर से निर्धारित धनराशि जमा नहीं कराई गई थी। जून, 2012 में यूपीएसआईडीसी से औद्योगिक भूमि का प्रबंधन सिडकुल के पास आ गया। यूपीएसआईडीसी और सिडकुल की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संबंधित पक्ष सामने नहीं आई जिससे लंबे समय तक भूमि खाली पड़ी रही।
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मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय प्रयागराज ने जिला प्रशासन को उक्त भूमि को सरकार में निहित किए जाने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन द्वारा उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए भूमि को राज्य सरकार में दर्ज कर लिया गया है।
कोटद्वार। बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र में इस्पात फैक्ट्री के डिफाल्टर हो जाने और वर्ष 2013 से खाली पड़ी औद्योगिक भूमि को जिला प्रशासन ने राज्य सरकार में निहित कर लिया है। जिला व तहसील प्रशासन ने यह कार्रवाई प्रयागराज हाईकोर्ट के आदेश पर की है। अधिकारियों के अनुसार यह भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकार के पक्ष में दर्ज करने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय प्रयागराज में विचाराधीन श्यामलाल इस्पात बनाम राज्य वाद के क्रम में न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र की 0.466 हेक्टेयर (करीब 7.2 बीघा) भूमि की पैमाइश के बाद राजस्व अभिलेखों में दर्ज की गई।
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यूपी के जमाने में बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) ने की थी। तब श्यामलाल इस्पात को फैक्ट्री संचालन के लिए लगभग 0.466 हेक्टेयर (करीब 7.2 बीघा) भूमि लीज पर आवंटित की गई थी। समय के साथ कंपनी डिफॉल्टर हो गई। यूपीएसआईडीसी ने इस भूमि की नीलामी कराई, लेकिन बोलीदाता की ओर से निर्धारित धनराशि जमा नहीं कराई गई थी। जून, 2012 में यूपीएसआईडीसी से औद्योगिक भूमि का प्रबंधन सिडकुल के पास आ गया। यूपीएसआईडीसी और सिडकुल की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संबंधित पक्ष सामने नहीं आई जिससे लंबे समय तक भूमि खाली पड़ी रही।
मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय प्रयागराज ने जिला प्रशासन को उक्त भूमि को सरकार में निहित किए जाने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन द्वारा उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए भूमि को राज्य सरकार में दर्ज कर लिया गया है।