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Kotdwar News: रेलवे स्टेशन पर लॉपिंग की आड़ में काट डाले हरे-भरे पेड़
Sat, 04 Jul 2026 04:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 04 Jul 2026 04:02 PM IST
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रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन की तैयारियों की भेंट चढ़े पेड़
वन विभाग से नहीं ली अनुमति, लॉपिंग के नाम पर छोड़ा गया तीन फिट का तना
कोटद्वार। कुछ हरे-भरे पेड़ रेलवे स्टेशन के नए भवन के उद्घाटन की तैयारियों की भेंट चढ़ गए। लॉपिंग के नाम पर पेड़ों को काट दिया गया है जिसकी वन विभाग से अनुमति नहीं ली गई है। रेलवे अधिकारी का तर्क है कि पेड़ों के रेलवे के नए भवन पर गिरने की आशंका के चलते उन्हें काटा गया है।
रेलवे के नए भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। उद्घाटन से पहले तकनीकी टीम का दौरा और वीडियोग्राफी की जानी है। इससे पहले कि टीम कोटद्वार पहुंचे। निर्माण से जुड़े रेलवे अधिकारियों ने तत्परता से काम निपटाना शुरू कर दिया है। जल्दबाजी में रेलवे अधिकारी पेड़ों को कटवाने के मानकों का ध्यान रखना भूल गए। दरअसल शनिवार सुबह रेलवे के सर्कुलेटिंग एरिया में मुख्य हॉल (प्रवेश द्वार) के सामने खड़े छायादार पेड़ों को लॉपिंग के नाम पर काट डाला गया।
पेड़ों को काट रहे ठेकेदार से लॉपिंग की बाबत पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि लॉपिंग तो पेड़ के ऊपरी हिस्से में फैल रहीं डालियों काटने से होती है, लेकिन उन्हें तो रेलवे के अधिकारी ने ही जड़ से केवल तीन फिट तना छोड़कर पेड़ को काटने के लिए कहा है। पेड़ों को काटने का उन्होंने रेलवे से कोई शुल्क भी नहीं लिया है। काटे गए पेड़ों की लकड़ियों को वे मुक्तिधाम पहुंचाएंगे, वहां से उन्हें जो भी पैसा मिलेगा, वही उनकी मजदूरी होगी।
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वन विभाग से अनुमति तो नहीं ली गई है, लेकिन पेड़ों को काटा भी नहीं गया है। पेड़ों के रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन की ओर झुके होने के कारण गिरने की आशंका को देखते हुए उनकी लॉपिंग कराई गई है। -सुबोध चौहान, प्रभारी गति शक्ति यूनिट, रेलवे मुरादाबाद।
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वन विभाग से नहीं ली अनुमति, लॉपिंग के नाम पर छोड़ा गया तीन फिट का तना
कोटद्वार। कुछ हरे-भरे पेड़ रेलवे स्टेशन के नए भवन के उद्घाटन की तैयारियों की भेंट चढ़ गए। लॉपिंग के नाम पर पेड़ों को काट दिया गया है जिसकी वन विभाग से अनुमति नहीं ली गई है। रेलवे अधिकारी का तर्क है कि पेड़ों के रेलवे के नए भवन पर गिरने की आशंका के चलते उन्हें काटा गया है।
रेलवे के नए भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। उद्घाटन से पहले तकनीकी टीम का दौरा और वीडियोग्राफी की जानी है। इससे पहले कि टीम कोटद्वार पहुंचे। निर्माण से जुड़े रेलवे अधिकारियों ने तत्परता से काम निपटाना शुरू कर दिया है। जल्दबाजी में रेलवे अधिकारी पेड़ों को कटवाने के मानकों का ध्यान रखना भूल गए। दरअसल शनिवार सुबह रेलवे के सर्कुलेटिंग एरिया में मुख्य हॉल (प्रवेश द्वार) के सामने खड़े छायादार पेड़ों को लॉपिंग के नाम पर काट डाला गया।
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पेड़ों को काट रहे ठेकेदार से लॉपिंग की बाबत पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि लॉपिंग तो पेड़ के ऊपरी हिस्से में फैल रहीं डालियों काटने से होती है, लेकिन उन्हें तो रेलवे के अधिकारी ने ही जड़ से केवल तीन फिट तना छोड़कर पेड़ को काटने के लिए कहा है। पेड़ों को काटने का उन्होंने रेलवे से कोई शुल्क भी नहीं लिया है। काटे गए पेड़ों की लकड़ियों को वे मुक्तिधाम पहुंचाएंगे, वहां से उन्हें जो भी पैसा मिलेगा, वही उनकी मजदूरी होगी।
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वन विभाग से अनुमति तो नहीं ली गई है, लेकिन पेड़ों को काटा भी नहीं गया है। पेड़ों के रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन की ओर झुके होने के कारण गिरने की आशंका को देखते हुए उनकी लॉपिंग कराई गई है। -सुबोध चौहान, प्रभारी गति शक्ति यूनिट, रेलवे मुरादाबाद।