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Kotdwar News: कोटद्वार से लैंसडौन तक शौर्य को सलाम
Sun, 26 Jul 2026 06:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 26 Jul 2026 06:25 PM IST
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बलिदानियों के परिजनों और पूर्व सैनिकों का सम्मान
जीआरआरसी, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न संगठनों ने श्रद्धा से मनाया कारगिल विजय दिवस
कोटद्वार। 27वें कारगिल विजय दिवस पर कोटद्वार और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में शौर्य, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का माहौल रहा। विभिन्न सरकारी, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही पूर्व सैनिकों, वीर जवानों और बलिदानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
जिला सैनिक कल्याण बोर्ड लैंसडौन की ओर से नगर निगम प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि 26 जुलाई केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान की अमरगाथा है। विशिष्ट अतिथि गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने बताया कि कारगिल युद्ध में 17 और 18 गढ़वाल राइफल्स की भूमिका निर्णायक रही। युद्ध में 53 गढ़वाली वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया जबकि 101 सैनिक घायल हुए।
सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन शिव प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, लेफ्टिनेंट कर्नल बीबी ध्यानी (रि.), कर्नल कुंवर अजय सिंह (रि.), कर्नल एसपी वर्मा (रि.), लेफ्टिनेंट कर्नल बीएस गुसाईं (रि.), कर्नल कुलदीप गुसाईं (रि.) आदि मौजूद रहे। संचालन भारत भूषण बलूनी ने किया।
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रमेश नगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-8 में कारगिल विजय दिवस और हरेला पर्व मनाया गया। क्षेत्र के संजय जखवाल ने 35 विद्यार्थियों को जूते और ड्रेस वितरित किए। महानगर कांग्रेस कमेटी व पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ की पहल पर समारोह में पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों को सम्मानित किया। वहीं, शहीद पार्क कांडाखाल में कांग्रेस नेताओं ने ऑपरेशन विजय के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी।
उधर, राजकीय पीजी कॉलेज कोटद्वार और जीआरआरसी लैंसडौन में भी श्रद्धांजलि सभाएं हुईं। अधिकारियों और शिक्षकों ने कारगिल के वीरों के शौर्य को नमन करते हुए युवाओं से राष्ट्रसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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जीआरआरसी, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न संगठनों ने श्रद्धा से मनाया कारगिल विजय दिवस
कोटद्वार। 27वें कारगिल विजय दिवस पर कोटद्वार और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में शौर्य, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का माहौल रहा। विभिन्न सरकारी, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही पूर्व सैनिकों, वीर जवानों और बलिदानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
जिला सैनिक कल्याण बोर्ड लैंसडौन की ओर से नगर निगम प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि 26 जुलाई केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान की अमरगाथा है। विशिष्ट अतिथि गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने बताया कि कारगिल युद्ध में 17 और 18 गढ़वाल राइफल्स की भूमिका निर्णायक रही। युद्ध में 53 गढ़वाली वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया जबकि 101 सैनिक घायल हुए।
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सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन शिव प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, लेफ्टिनेंट कर्नल बीबी ध्यानी (रि.), कर्नल कुंवर अजय सिंह (रि.), कर्नल एसपी वर्मा (रि.), लेफ्टिनेंट कर्नल बीएस गुसाईं (रि.), कर्नल कुलदीप गुसाईं (रि.) आदि मौजूद रहे। संचालन भारत भूषण बलूनी ने किया।
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रमेश नगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-8 में कारगिल विजय दिवस और हरेला पर्व मनाया गया। क्षेत्र के संजय जखवाल ने 35 विद्यार्थियों को जूते और ड्रेस वितरित किए। महानगर कांग्रेस कमेटी व पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ की पहल पर समारोह में पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों को सम्मानित किया। वहीं, शहीद पार्क कांडाखाल में कांग्रेस नेताओं ने ऑपरेशन विजय के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी।
उधर, राजकीय पीजी कॉलेज कोटद्वार और जीआरआरसी लैंसडौन में भी श्रद्धांजलि सभाएं हुईं। अधिकारियों और शिक्षकों ने कारगिल के वीरों के शौर्य को नमन करते हुए युवाओं से राष्ट्रसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।