सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Standards were ignored in the construction of the bridge wall.

Kotdwar News: निर्माणाधीन पुल की दीवार में मानकों की अनदेखी

संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Thu, 29 Jan 2026 06:40 PM IST
विज्ञापन
Standards were ignored in the construction of the bridge wall.
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता ने दोबारा निर्माण के दिए निर्देश
Trending Videos

मार्ग पर रोलर चलने से फूलने लगी संपर्क मार्ग की दीवार
कोटद्वार/कण्वघाटी। तेलीसोत गदेरे में निर्माणाधीन पुल से सटी दीवार के निर्माण में मानकों की अनदेखी और घटिया गुणवत्ता का मामला प्रकाश में आया है। यही वजह है कि हाल में बनी यह दीवार संपर्क मार्ग पर रोलर चलते ही फूलने लगी। मामला संज्ञान में आते ही लोनिवि के अधिकारियों ने पूरी दीवार को तोड़कर नए सिरे से निर्माण के निर्देश संबंधित ठेकेदार को दिए हैं।
लोनिवि दुगड्डा की ओर से चिलरखाल मार्ग पर पड़ने वाले तेलीसोत रपटे पर 30 मीटर बाक्स कलवर्ट पुल का निर्माण चल रहा है। पुल निर्माण का काम पूरा हो चुका है लेकिन अभी मार्ग की एप्रोच रोड का काम पूरा नहीं हो सका है। इसी दौरान मुख्य मार्ग से निकलने वाले दो संपर्क मार्गों मगनपुर-रामदयालपुर और उत्तरी झंडीचौड़-राजपूत चौक संपर्क मार्ग का भी पुल की ऊंचाई के हिसाब से निर्माण हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार और पुश्ते के निर्माण में मानकों की अनदेखी से यह नौबत आई है। अधिकारियों का कहना है कि हाल में बनी दीवार और सड़क पर रोलर चलने से सड़क का पूरा भार पुश्ते पर आ गया जिससे पुश्ता फूलकर ढहने के कगार पर पहुंच गया था। उक्त पुश्ते को मानक और गुणवत्ता के साथ नए सिरे से निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।

तेलीसोत गदेरे के रपटे पर चल रहा पुल का निर्माण
कोटद्वार-चिलरखाल मार्ग पर किशनपुर और सिगड्डी सिडकुल के बीच तेलीसोत गदेरे में 30 मीटर स्पान डबल लेन बाॅक्स कलवर्ट आरसीसी पुल के लिए शासन से 236.31 लाख स्वीकृत हुए हैं। पुल का बीते 30 मार्च को शिलान्यास हुआ था। पुल बनकर तैयार हो चुका है। अब इसकी एप्रोच रोड, पुल से निकलने वाले दो संपर्क मार्गों व सुरक्षा संबंधी कार्य चल रहे हैं।

मामला संज्ञान में आने के बाद पुश्ते को तोड़कर नए सिरे से निर्माण के निर्देश ठेकेदार कंपनी को दिए गए हैं। निर्माण के बाद दो साल तक अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी संबंधित ठेकेदार कंपनी की है।
-निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed