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Kotdwar News: बरस्वार गांव से वन विभाग ने हटाया शूटर व दहशत बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 29 Jan 2026 07:01 PM IST
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बुधवार देर शाम सुनाई दी तेज आवाजें, गोशाला व खेतों में समूह में आवाजाही कर रहीं महिलाएं
लैंसडौन (कोटद्वार)। जयहरीखाल ब्लॉक के गुलदार प्रभावित गांव बरस्वार में एक गुलदार के पिजरें में कैद होने के बाद पुन: गुलदार के गुर्राने की तेज आवाजें सुनाई दे रही है। एक गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद वन विभाग ने यहां से शूटर व अन्य टीमों को हटा दिया है। गांव में अब केवल पांच वन कर्मियों की टीम रह गई है।
ग्राम प्रधान दिनेश सिंह, पूर्व प्रधान ध्यान सिंह, ग्रामीण पिंटू असवाल ने बताया कि बुधवार देर शाम को 7:45 बजे के करीब ग्रामीणों को गुलदार के गुर्राने की तेज आवाज सुनाई दी। अब महिलाएं गोशाला व खेतों में काम करने के लिए समूह में आवाजाही कर रही हैं। उधर, लैंसडौन के रेंज अधिकारी राकेश चंद शाह ने बताया कि गुलदार के गुर्राने की आवाजें सुनाई देने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की एक टीम गांव में ही तैनात है। वन कर्मी मुस्तैद व चौकन्ने हैं।
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लैंसडौन (कोटद्वार)। जयहरीखाल ब्लॉक के गुलदार प्रभावित गांव बरस्वार में एक गुलदार के पिजरें में कैद होने के बाद पुन: गुलदार के गुर्राने की तेज आवाजें सुनाई दे रही है। एक गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद वन विभाग ने यहां से शूटर व अन्य टीमों को हटा दिया है। गांव में अब केवल पांच वन कर्मियों की टीम रह गई है।
ग्राम प्रधान दिनेश सिंह, पूर्व प्रधान ध्यान सिंह, ग्रामीण पिंटू असवाल ने बताया कि बुधवार देर शाम को 7:45 बजे के करीब ग्रामीणों को गुलदार के गुर्राने की तेज आवाज सुनाई दी। अब महिलाएं गोशाला व खेतों में काम करने के लिए समूह में आवाजाही कर रही हैं। उधर, लैंसडौन के रेंज अधिकारी राकेश चंद शाह ने बताया कि गुलदार के गुर्राने की आवाजें सुनाई देने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की एक टीम गांव में ही तैनात है। वन कर्मी मुस्तैद व चौकन्ने हैं।
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