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Kotdwar News: दो घंटे की बारिश से शहर से लेकर गांव तक की सड़कें बनीं तालाब

संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Fri, 05 Jun 2026 07:00 PM IST
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Two hours of rain turned roads from the city to the village into ponds.
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(पड़ताल)

नालियों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त न होने के कारण बनी परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र में शुक्रवार को हुई करीब दो घंटे की तेज बारिश ने लोनिवि, नगर निगम और संबंधित विभागों की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बारिश के बाद शहर और आसपास की मुख्य सड़कों से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्गों तक जलभराव हो गया और सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। ऐसे में लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

सबसे ज्यादा परेशानी किशनपुर और हल्दूखाता के बीच मिलन चौक पर हुई। यहां जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के इलाके का पानी खेतों में होते हुए सड़क पर आ गया। इसी क्षेत्र में जशोधरपुर सिडकुल के गंदे पानी की निकासी के लिए नाला भी बनाया गया है लेकिन यह नाला भूमिगत होने के कारण चोक पड़ा रहता है। तीन से चार जगहों पर जलभराव होने से लोगों को पैदल आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी। देवीरोड पर भी कई जगहों पर जलभराव होने से लोग परेशान रहे। सड़क पर जमा पानी के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए गुजरते दिखाई दिए जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी जलभराव के बीच से ही निकलना पड़ा। स्थानीय देशबंधु गढ़वाली, ईश्वर सिंह, भगत सिंह, राकेश ध्यानी का कहना है कि बारिश शुरू होते ही जल भराव हो जाता है। नालियों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम की कमी के कारण पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। मगर स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। वहीं लोनिवि दुगड्डा के ईई निर्भय सिंह का कहना है कि देवीरोड पर सिमलचौड़ से लेकर लालबत्ती चौक तक सड़क पुनर्निर्माण के दौरान सड़क को ऊंचा उठाने के साथ ही निकासी नालियां दुरुस्त की जाएंगी। जशोधरपुर क्षेत्र में भी जलभराव का समाधान तलाशा जाएगा।
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52 सफाई कर्मियों के साथ नाले-नालियों को खोलने में जुटे 13 सुपरवाइजर

कोटद्वार। बारिश में जलनिकासी के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर के अधिकांश प्रमुख नालों की सफाई करा लेने के बाद अब छोटी-छोटी नालियों को खोलने में 52 सफाईकर्मियों के साथ 13 सुपरवाइजर जुटे हैं। वहीं व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम को स्थायी और सुदृढ़ बनाने के लिए नगर निगम जल्द ही कार्ययोजना को मूर्तरूप देना शुरू करेगा।
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नगर आयुक्त पीएल शाह के निर्देश पर सहायक नगर आयुक्त चंद्रशेखर शर्मा व मुख्य सफाई निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में नगर निगम के 13 सुपरवाइजरों की टीमें चार-चार सफाईकर्मियों के साथ वार्डों में जुटी हैं। सुनील कुमार ने बताया कि देवीरोड पर तीलू रौतेली चौक से पनियाली गदेरे के पास तक चोक नाला खोला जा चुका है। जलभराव वाले संभावित अधिकांश क्षेत्रों में नाले-नालियां खोल दिए गए हैं। नगर आयुक्त पीएल शाह ने बताया कि जलभराव की व्यक्तिगत सूचना मिलने पर भी टीम भेजी जा रही है। प्रथम चरण में शहर के स्ट्रांग वाटर ड्रेनेज सिस्टम पर 347 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर उस पर काम किया जाएगा।


तहसील के पीछे ही जलभराव
कोटद्वार। पुराना सिद्धबली मार्ग पर तहसील मुख्यालय के पीछे हाल ही में नालियों को साफ तो किया गया लेकिन उनका मलबा नहीं उठा। वहीं, मार्ग पर गलियों के मुहाने पर बने लोहे के चैनल उठाकर पूरी नाली साफ नहीं की गई जिस कारण यहां जलभराव हो रहा है।
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