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Nainital News: ज्योलीकोट के आवासीय स्कूल में 20 छात्र बीमार, स्कूल बंद
Fri, 14 Aug 2026 01:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 14 Aug 2026 01:08 AM IST
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नैनीताल। ज्योलीकोट के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार आवासीय स्कूल में 20 छात्रों के जलजनित रोग की चपेट में आने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। चार अगस्त से 10 अगस्त तक 20 छात्र बीमार हो गए। जानकारी के बाद सीएमओ डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय पहुंची। टीम ने विद्यालय परिसर से पेयजल के नमूने और ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से छात्रों की बीमारी और इलाज के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि विद्यालय में करीब 630 छात्र अध्ययनरत हैं और सभी छात्र आवासीय व्यवस्था में रहते हैं। चार अगस्त को एक छात्र में जलजनित रोग के लक्षण मिले थे। इसके बाद 10 अगस्त तक 20 छात्रों में ऐसे लक्षण पाए गए। बीमार छात्रों की जांच विद्यालय से अनुबंधित निजी पैथोलॉजी लैब और निजी अस्पताल के माध्यम से कराई गई। इधर, 13 अगस्त से विद्यालय बंद कर दिया गया है। छात्रों के अपने घरों और कुछ अन्य राज्यों में चले जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर कोई छात्र नहीं मिला। विद्यालय प्रशासन के अनुसार 31 अगस्त को विद्यालय खोला जाएगा। सीएमओ ने निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब से भी छात्रों की जांच संबंधी जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं।
पानी की जांच से खुलेगा बीमारी का कारण
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के संभावित स्रोत का पता लगाने के लिए विद्यालय से पेयजल के नमूने लिए हैं। पानी की गुणवत्ता की जांच के साथ ब्लड सैंपल की भी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्रों के बीमार होने का संबंध दूषित पानी से है अथवा संक्रमण का कोई अन्य कारण है। ज्योलीकोट, सरियाताल और वीरभट्टी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता एवं निगरानी अभियान भी चलाया। लोगों को शुद्ध पेयजल और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ जिंक और ओआरएस बांटा गया। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने पानी उबालकर या शुद्ध करने के बाद पीने की सलाह दी है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से छात्रों की बीमारी और इलाज के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि विद्यालय में करीब 630 छात्र अध्ययनरत हैं और सभी छात्र आवासीय व्यवस्था में रहते हैं। चार अगस्त को एक छात्र में जलजनित रोग के लक्षण मिले थे। इसके बाद 10 अगस्त तक 20 छात्रों में ऐसे लक्षण पाए गए। बीमार छात्रों की जांच विद्यालय से अनुबंधित निजी पैथोलॉजी लैब और निजी अस्पताल के माध्यम से कराई गई। इधर, 13 अगस्त से विद्यालय बंद कर दिया गया है। छात्रों के अपने घरों और कुछ अन्य राज्यों में चले जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर कोई छात्र नहीं मिला। विद्यालय प्रशासन के अनुसार 31 अगस्त को विद्यालय खोला जाएगा। सीएमओ ने निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब से भी छात्रों की जांच संबंधी जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं।
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पानी की जांच से खुलेगा बीमारी का कारण
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के संभावित स्रोत का पता लगाने के लिए विद्यालय से पेयजल के नमूने लिए हैं। पानी की गुणवत्ता की जांच के साथ ब्लड सैंपल की भी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्रों के बीमार होने का संबंध दूषित पानी से है अथवा संक्रमण का कोई अन्य कारण है। ज्योलीकोट, सरियाताल और वीरभट्टी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता एवं निगरानी अभियान भी चलाया। लोगों को शुद्ध पेयजल और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ जिंक और ओआरएस बांटा गया। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने पानी उबालकर या शुद्ध करने के बाद पीने की सलाह दी है।
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