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Nainital News: हर बूथ पर सुनवाई की बेहतर व्यवस्था, दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं के लिए हो सुविधा
Sat, 11 Jul 2026 01:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:12 AM IST
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नैनीताल। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को शुद्ध, समावेशी और अद्यतन बनाने के लिए नोटिस सुनवाई की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में सभी जिलाधिकारियों और कुमाऊं-गढ़वाल मंडलों के आयुक्तों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्देश दिए कि प्रत्येक बूथ एवं ग्राम स्तर पर नोटिस सुनवाई के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सुनवाई स्थलों पर इंटरनेट, कंप्यूटर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बिजली बैकअप, डेटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक स्टाफ, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और उपस्थिति रजिस्टर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) एवं अतिरिक्त एईआरओ पूरे माह के लिए सुनवाई का निश्चित समय तय करेंगे। नोटिस वितरण, प्राप्ति रसीद और अभिलेखों के रख-रखाव के लिए स्पष्ट प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
सुनवाई स्थल किए जाएंगे निर्धारित
बैठक में यह भी तय किया गया कि मतदाताओं की संख्या और भौगोलिक स्थिति के आधार पर क्लस्टर बनाकर दो से चार मतदान केंद्रों के लिए एक सुनवाई स्थल निर्धारित किया जाएगा। विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के मतदाताओं को लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसका ध्यान रखा जाएगा। साथ ही, अनमैप्ड एवं विसंगति वाले मामलों में दावे और आपत्तियों से संबंधित नोटिस ईसीआई नेट पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाएंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक में निर्देश दिए कि प्रत्येक बूथ एवं ग्राम स्तर पर नोटिस सुनवाई के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सुनवाई स्थलों पर इंटरनेट, कंप्यूटर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बिजली बैकअप, डेटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक स्टाफ, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और उपस्थिति रजिस्टर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) एवं अतिरिक्त एईआरओ पूरे माह के लिए सुनवाई का निश्चित समय तय करेंगे। नोटिस वितरण, प्राप्ति रसीद और अभिलेखों के रख-रखाव के लिए स्पष्ट प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
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सुनवाई स्थल किए जाएंगे निर्धारित
बैठक में यह भी तय किया गया कि मतदाताओं की संख्या और भौगोलिक स्थिति के आधार पर क्लस्टर बनाकर दो से चार मतदान केंद्रों के लिए एक सुनवाई स्थल निर्धारित किया जाएगा। विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के मतदाताओं को लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसका ध्यान रखा जाएगा। साथ ही, अनमैप्ड एवं विसंगति वाले मामलों में दावे और आपत्तियों से संबंधित नोटिस ईसीआई नेट पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाएंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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