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दो मौतों के बाद हरकत में आया प्रशासन: सीडीओ ने लिया जायजा; ग्रामीणों ने जल संस्थान की लापरवाही पर उठाए सवाल

Mon, 07 Sep 2026 03:42 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Mon, 07 Sep 2026 03:42 PM IST
सार

नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारी से एक किशोर और एक महिला की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की। 

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CDO reaches the spot after two deaths due to waterborne disease in Jyolikot
ज्योलीकोट में दो मौतों के बाद सीडीओ मौके पर पहुंचे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारी से एक किशोर और महिला की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है। लगातार बिगड़ रहे हालात के बीच सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित लोगों से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों ने बीमारी के लिए जल संस्थान की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दूषित पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने अधिकारियों के असंवेदनशील रवैये की भी शिकायत की और कहा कि बीमारी फैलने की जानकारी देने के बावजूद समय रहते समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया।

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रविवार को ज्योलीकोट क्षेत्र में एक महिला और किशोर की मौत के बाद सोमवार को सीडीओ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों से बीमारी और पेयजल व्यवस्था को लेकर जानकारी ली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बीमारी के मामले बढ़ने के बावजूद स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, स्वास्थ्य टीमों के गांव तक नहीं पहुंचने और अधिकारियों के कथित उदासीन रवैये की शिकायत की।
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ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते दूषित पानी की समस्या की जांच और प्रभावी रोकथाम की जाती तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। उन्होंने बीमारी के लिए जल संस्थान की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार बताते हुए पेयजल स्रोतों की तत्काल जांच, पर्याप्त क्लोरीनेशन और नियमित निगरानी की मांग की। साथ ही गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने, पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा।
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निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने पेयजल व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने जल संस्थान से क्षेत्र में अब तक की गई कार्रवाई, पेयजल की जांच, क्लोरीनेशन समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग से क्षेत्र में अब तक सामने आए मरीजों की संख्या, उनके उपचार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से उठाए गए कदमों का आंकड़ा उपलब्ध कराने को कहा।


दो मौतों के बाद प्रशासन की सक्रियता से अब लोगों को बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जगी है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दो जानें जाने के बाद हुआ निरीक्षण पर्याप्त नहीं है। अब जरूरत जिम्मेदारी तय करने, दूषित पानी की समस्या दूर करने और गांवों में तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की है।

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