गजानन के स्वागत की तैयारी पूरी: बप्पा के जयकारों से गूंजेगा हल्द्वानी शहर, 1500 कलाकार दिखाएंगे प्रतिभा
गणेश चतुर्थी के साथ सोमवार से शहर गणपति महोत्सव के रंग में रंग जाएगा। शहर में जगह-जगह गणपति बप्पा मोरया के जयकारें गूंजेंगे।
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गणेश चतुर्थी के साथ सोमवार से शहर गणपति महोत्सव के रंग में रंग जाएगा। शहर में जगह-जगह गणपति बप्पा मोरया के जयकारें गूंजेंगे। इस वर्ष शहर में 20 से अधिक स्थानों प भगवान की प्रतिमाओं की विधीि-विधान से स्थापना की जाएगी।
1500 कलाकार दिखाएंगे प्रतिभा
वैश्य महासभा वैश्य महासभा के 23वें गणेश महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ सोमवार से होगा। महोत्सव 20 सितंबर को मूर्ति विसर्जन के साथ समाप्त होगा। रविवार को प्रेसवार्ता में अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड में सर्वप्रथम गणेश महोत्सव की शुरुआत वैश्य महासभा हल्द्वानी ने ही की थी। बताया कि सोमवार सुबह 9 बजे भगवान गणपति की विधि-विधान से मूर्ति स्थापना और पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। हर दिन सुबह पूजा और शाम को प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नगर के 40 सांस्कृतिक ग्रुपों के करीब 1500 कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
महामंत्री दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 17 सितंबर को चित्रकला प्रतियोगिता, 19 सितंबर को ''रन फॉर गणेशा'', रामलीला मैदान में दही-हांडी प्रतियोगिता के साथ ही इसी दिन इंडिया गॉट टैलेंट विजेता की ओर से नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा। कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि 20 सितंबर रविवार को भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए रानीबाग पहुंचेगी, जहां विधि-विधान से गणपति विसर्जन किया जाएगा। इसी दिन रामलीला ग्राउंड में दोपहर 1 बजे हवन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन होगा। प्रेस वार्ता में संरक्षक बद्री प्रसाद गुप्ता, राजेंद्र अग्रवाल मुन्ना, अशोक वाषणेय, राशि जैन सहित आदि मौजूद थे।
11:44 से 12:34 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
तृतीया तिथि सुबह 7:10 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। ज्योतिष डॉ. नवीन जोशी ने बताया श्रीगणेश जी की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजे से दोपहर तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा। पूजा के लिए मिट्टी, धातु अथवा गोबर से बनी प्रतिमा का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इस दिन चंद्र दर्शन नहीं करने का विधान है।