{"_id":"6a1f43b2397447ca01040ef4","slug":"haldwani-doctor-lists-10-ailments-to-seek-transfer-26-km-away-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haldwani: 26 किमी दूर तबादले के लिए चिकित्सक ने गिनाईं 10 बीमारियां, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haldwani: 26 किमी दूर तबादले के लिए चिकित्सक ने गिनाईं 10 बीमारियां, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:27 AM IST
विज्ञापन
सार
डॉक्टर साहब ने तबादले के लिए भेजे प्रार्थना पत्र में खुद को एक-दो नहीं बल्कि करीब 10 गंभीर बीमारियों से पीड़ित बता दिया। सोचा था कि बीमारियों की लंबी फेहरिस्त देखकर तबादले की राह आसान हो जाएगी लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।
अमर उजाला महाकुंभ कॉन्क्लेव में मंत्री सुबोध उनियाल, file
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में तैनात एक वरिष्ठ चिकित्सक अपना तबादला वहां से 26 किलोमीटर दूर हल्द्वानी कराना चाहते हैं। स्थानांतरण के लिए लगाई गई उनकी अर्जी चर्चा का विषय बन गई। डॉक्टर साहब ने तबादले के लिए भेजे प्रार्थना पत्र में खुद को एक-दो नहीं बल्कि करीब 10 गंभीर बीमारियों से पीड़ित बता दिया। सोचा था कि बीमारियों की लंबी फेहरिस्त देखकर तबादले की राह आसान हो जाएगी लेकिन मामला उल्टा पड़ गया। स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रांसफर की फाइल आगे बढ़ाने के बजाय डॉक्टर की मेडिकल जांच कराने के निर्देश दे दिए।
मूलरूप से हल्द्वानी के रहने वाले वरिष्ठ चिकित्सक की तैनाती रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में हैं। तबादले के लिए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजा। इसमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एलर्जिक अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, स्पॉन्डिलाइटिस, आंखों की समस्या, पेनक्रियाज संबंधी परेशानी और गर्दन की गंभीर बीमारी समेत कई अन्य रोगों का हवाला देते हुए चिकित्सक ने लिखा कि उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में भी दिक्कत हो रही है। उनका परिवार हल्द्वानी में रहता है इसलिए उनका तबादला वहीं के मेडिकल कॉलेज में कर दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रार्थनापत्र मिलने पर मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि चिकित्सक वास्तव में इतनी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है तो तबादले से पहले उसकी चिकित्सकीय स्थिति की जांच की जानी जरूरी है। यह भी कह दिया कि यदि प्रार्थना पत्र में लिखी बातें झूठी मिलीं तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
Trending Videos
लोग ले रहे चटकारे
स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि ट्रांसफर पाने के लिए भेजी गई अर्जी आखिर कैसे डॉक्टर के लिए ही मेडिकल टेस्ट का कारण बन गई। विभागीय कर्मचारी चटकारे लेते हुए कह रहे हैं कि तबादले की फाइल चली थी लेकिन जांच समिति के पास पहुंच गई।
भविष्य में बीमारी के आधार पर आने वाले हर आवेदन की जांच उच्चस्तरीय समिति करेगी। जांच में दावे सही पाए गए तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी लेकिन गलत जानकारी मिलने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
- डॉ. अजय आर्या, निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य, देहरादून