सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Obesity is increasing the burden of disease on the little body in haldwani

Health News: नन्हे शरीर पर बीमारी का बोझ बढ़ा रहा मोटापा, जंक फूड और मोबाइल बना कारण

गायत्री जोशी Published by: गायत्री जोशी Updated Sat, 07 Mar 2026 10:43 AM IST
विज्ञापन
सार

बदलती जीवनशैली और जंक फूड की बढ़ती आदतों के कारण बच्चों में मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।  डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों में मोटापा अब एक साइलेंट महामारी का रूप लेता जा रहा है।

Obesity is increasing the burden of disease on the little body in haldwani
मोटापा की समस्या - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार

 यदि आपके बच्चे का वजन उसकी उम्र और कद के हिसाब से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है तो इसे हल्के में न लें। डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों में मोटापा अब एक साइलेंट महामारी का रूप लेता जा रहा है। बदलती जीवनशैली, जंक फूड का बढ़ता चलन और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में रोजाना इस समस्या से जुड़े 15 से 20 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खासतौर पर 10 से 16 वर्ष के बच्चों में मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। संवाद

Trending Videos


33एई से अधिक बीएमआई चिंताजनक

डॉक्टर बताते हैं कि मोटापे का आकलन बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) से किया जाता है। यदि किसी बच्चे का बीएमआई 23 एई से अधिक है तो उसे ओवरवेट माना जाता है जबकि 27एई या उससे अधिक होने पर बच्चा मोटापे की श्रेणी में आता है। बीएमआई 33एई से अधिक होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है और कई मामलों में सर्जरी तक की नौबत आ सकती है। मोटापे के कारण बच्चों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कमजोरी और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक मोबाइल और स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की शारीरिक गतिविधियां कम हो रही हैं जिससे समस्या और तेजी से बढ़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मोटापे से बचाव के उपाय

-बच्चों को रोज़ाना कम से कम 60 मिनट शारीरिक गतिविधि या खेल के लिए प्रेरित करें।

-जंक फूड, एनर्जी ड्रिंक और पैक्ड फूड से दूरी बनाए रखें।

ट्रैफिक लाइट अप्रोच अपनाएं

रेड : जंक फूड, एनर्जी ड्रिंक, पैक्ड फूड जितना हो सके कम

यलो : मिठाई, खीर, तला-भुना सीमित मात्रा में

ग्रीन : फल, सब्जियां और प्राकृतिक जूस अधिक मात्रा में।

कई माता-पिता बच्चों का बढ़ता वजन सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जबकि यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर उनके खान-पान और शारीरिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। - डॉ. रितु रखोलिया, बाल रोग विशेषज्ञ, एसटीएच

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed