High Court: ढाई करोड़ रुपए के ऋण विवाद में राहत, जबरन कार्रवाई पर रोक
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऋण विवाद मामले में 50 लाख रुपये जमा करने पर बैंक को वन टाइम सेटलमेंट पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश दिए हैं।
विस्तार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लगभग ढाई करोड़ रुपए के ऋण विवाद में राहत देते हुए कहा है कि यदि याची 15 दिनों के भीतर 50 लाख रुपए जमा करता है, तो बैंक उसकी वन टाइम सेटलमेंट याचिका पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। साथ ही, सेटलमेंट पर निर्णय होने तक याची के विरुद्ध कोई कठोर कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए हैं।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। किशन सिंह भंडारी बनाम जिलाधिकारी पिथौरागढ़ एवं अन्य के मामले के अनुसार, याची ने भारतीय स्टेट बैंक से विभिन्न तिथियों पर व्यवसायिक ऋण लिया था। भुगतान में चूक होने के कारण नवंबर 2022 में खाते को एनपीए घोषित कर दिया गया। अगस्त 2023 में सरफेसी अधिनियम के तहत वसूली की कार्रवाई शुरू हुई।
मार्च 2026 तक याची पर लगभग दो करोड़, 50 लाख, पचास हजार रुपए की देनदारी बकाया हो गई। सुनवाई के दौरान याची ने कोर्ट को बताया कि याची वन टाइम सेटलमेंट के तहत बकाया राशि चुकाने को तैयार है। बैंक की ओर से कहा गया कि यदि याची 50 लाख रुपए जमा आवेदन करता है, तो नियमानुसार उस पर विचार किया जाएगा।सुनवाई के बाद कोर्ट ने निर्देश दिए कि याची की भुगतान की मंशा को देखते हुए बैंक को वन टाइम सेटलमेंट आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।

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