उमरगड़ा में हादसा: तीन युवकों की असमय मौत से शोक, मारे गए जवान की अंत्येष्टि सैन्य सम्मान के साथ हुई
पिथौरागढ़ के बंगापानी में हुए कार हादसे में मारे गए तीन युवाओं का सोमवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। एक जवान और दो युवाओं की सड़क हादसे में मौत से सीमांत में शोक की लहर है।
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पिथौरागढ़ में बंगापानी के एन बैंड उमरगड़ा में हुए इनोवा कार हादसे में रविवार को मारे गए युवाओं की अंत्येष्टि गमगीन माहौल में अलग-अलग घाटों पर की गई। सोमवार को शव यात्रा पर गए लोगों की आंखें नम हो गईं। एक जवान और दो युवाओं की सड़क हादसे में मौत से सीमांत में शोक की लहर है।
हादसे में मारे गए आर्मी मेडिकल कोर में तैनात लक्ष्मण सिंह नेगी पुत्र राम सिंह नेगी की अंत्येष्टि सैन्य सम्मान के साथ मदकोट स्थित मंदाकिनी और गोरी नदी के संगम पर किया गया। कुमाऊं स्काउट धारचूला एवं आर्मी मेडिकल कोर पिथौरागढ़ की यूनिट ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इस मौके पर ग्रामीणों के साथ ही क्षेत्र के पूर्व सैनिक मौजूद रहे। मृतक के सेना से सेवानिवृत्त पिता-मां और भाई सदमे में है।
जिला मुख्यालय के टकाना उत्सव गृह निवासी आयुष पंत पुत्र नरेंद्र पंत की अंत्येष्टि थल स्थित त्रिवेणी संगम पर की गई। यहां पूर्व दायित्वधारी महेंद्र लुंठी, राजेंद्र भट्ट, नवीन कोठारी, ललित पंत, दिनेश रावत, भगवान पंत समेत उनके मूल गांव बेड़ीनाग स्थित भट्टी गांव से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम विदाई देने पहुंचे।
उधर, दौला निवासी खंड विकास अधिकारी बसंत पांडे के पुत्र अंकित की अंत्येष्टि रामेश्वर घाट पर की गई। चिता को मुखग्नि उनके चाचा कैलाश पांडे ने दी।
बीआरओ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर लिया जायजा
बंगापानी में बीते रविवार कार हादसे में तीन युवकों की मौत के बाद जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए। लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली और सुरक्षा के इंतजाम न होने से पूर्व की तरह यह हादसा भी हुआ। सड़क निर्माण की कार्यदायी संस्था बीआरओ के अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। बीआरओ ने दावा किया है कि सड़क में कोई दिक्कत नहीं है। उनका कहना है कि वाहन की तेज रफ्तार से घटना घटित होने का अंदेशा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क किनारे सुरक्षा के लिए क्रश बैरियर तक नहीं लगे हैं और पैरापिट भी बेहद कमजोर हैं। इस स्थान पर पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं।
कार हादसे की जांच के लिए ओआईसी शामा मूर्ति को घटना स्थल पर भेजा गया था। उन्होंने वाहन की तेज रफ्तार के चलते पैराफिट तोड़ते हुए नीचे गिरने का अंदेशा जताया है। - राम चंद्र मीणा, ओसी, 1447 बीआरओ