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Uttarakhand: हल्द्वानी में लावारिस कुत्तों का आतंक, रोजाना बढ़ रहे हमले; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हो रहे बेअसर
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:00 AM IST
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सार
हल्द्वानी में लावारिस कुत्तों के झुंड सड़कों और मोहल्लों में बेखौफ घूम रहे हैं। रोजाना बेस अस्पताल में 35 से 40 लोग कुत्तों के काटने के बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
हल्द्वानी की सड़कों पर घूमते लावारिस कुत्ते।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हल्द्वानी शहर में लावारिस कुत्ते हर दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। सड़कों, गलियों और रिहायशी इलाकों में कुत्तों के झुंड बेखौफ घूम रहे हैं। बेस अस्पताल में रोजाना 35 से 40 लोग कुत्तों के काटने के बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद हालात पर काबू पाने के लिए जिम्मेदार अमला मौन साधे हुए है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद भी शहर में न तो डर कम हुआ है और न ही कार्रवाई दिखाई दे रही है।
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नगर निगम के 60 वार्डों में 30 हजार से अधिक लावारिस कुत्ते होने का अनुमान है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को हटाने, उनके लिए शेल्टर बनाने और कुत्तों के काटने से मौत या गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में राज्य सरकार व फीडर्स की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए थे। साथ ही पीड़ितों को मुआवजा देने की व्यवस्था भी करने के लिए भी कहा गया था लेकिन हल्द्वानी में इन निर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है। सुबह से शाम तक शहर के विभिन्न इलाकों में कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं।
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स्कूल जाते बच्चे पर हमला
पॉलीशीट क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह परिजनों के साथ स्कूल जा रहे एक बच्चे पर लावारिस कुत्ते ने हमला कर दिया। अभिभावक ने किसी तरह बच्चे को बचाया। इसके बाद बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई गई।
216 डॉग हाउस की डीपीआर भेजी
वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में नगर निगम ने पहले चरण में 216 कैनल्स (डॉग हाउस) निर्माण की डीपीआर शासन को भेजी है। लावारिस कुत्तों के बधियाकरण के लिए वर्ष 2021 से एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 20 हजार 600 कुत्तों का बधियाकरण कराया जा चुका है।
2444 ने कराया पंजीकरण
नगर निगम के अनुसार अब तक 2444 लोगों ने पालतू कुत्ता पालने के लिए पंजीकरण कराते हुए लाइसेंस प्राप्त किया है।
खूंखार नस्लों का रिकॉर्ड नहीं
शहर में पिटबुल या अन्य खूंखार नस्ल के पालतू कुत्तों के हमलों की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन नगर निगम के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह पता चल सके कि शहर में कितने पालतू कुत्ते खतरनाक नस्ल के हैं।
एक कुत्ता पकड़ा
लावारिस कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए गुरुवार को नगर निगम की टीम वार्ड-48 मल्ली बमौरी और वार्ड-पांच पॉलीशीट क्षेत्र में पहुंची। टीम ने पनचक्की के समीप से एक लावारिस खूंखार कुत्ते को पकड़ा जिस पर कई लोगों को काटने का संदेह है। कुत्ते को एबीसी सेंटर में 10 दिन की निगरानी में रखा गया है। यदि रैबीज के लक्षण पाए गए तो उसकी मौत हो जाएगी, अन्यथा स्वस्थ पाए जाने पर उसे वापस उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। इस दौरान पांच अन्य कुत्तों का वैक्सीनेशन भी कराया गया।
शासन से बजट मांगा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत नगर निगम क्षेत्र में लावारिस कुत्तों के आतंक को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। समय-समय पर बधियाकरण कराया जा रहा है और डॉग हाउस निर्माण के लिए शासन से बजट मांगा गया है।- परितोष वर्मा, नगर आयुक्त, नगर निगम

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