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UGC: नए नियम के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने किया प्रदर्शन, नारेबाजी कर निकाली रैली; प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Fri, 30 Jan 2026 10:19 AM IST
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सार

हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। लोगों ने यूजीसी के नए नियमों को कला कानून बताकर जमकर नारे बाजी की। 

Various organizations protested against the new UGC rule in haldwani
यूजीसी के खिलाफ रैली निकालते विभिन्न संगठनों के लोग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में यूजीसी के नए नियम के खिलाफ बृहस्पतिवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। लोगों ने यूजीसी के नए नियमों को कला कानून बताकर जमकर नारे बाजी की। इसके बाद बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक नारे लगाते हुए रैली निकाली और उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूजीसी को ज्ञापन भेजा।

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बुद्धपार्क में सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने यूजीसी प्रमोशन ऑफ़ इक्विटी रेग्युलेशंस 2026 को तत्काल निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कानून संविधान के समानता के अधिकार और सामाजिक समरसता की भावना के विपरीत है जो समाज को जोड़ने की जगह तोड़ने का काम कर रहा है।

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उत्तराखंड युवा एकता मंच के संयोजक पीयूष जोशी ने कहा कि यूजीसी का नया नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के नाम पर भय, अविश्वास और जातिगत के विभाजन को बढ़ावा दे रहा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष संदीप पांडे का कहना था कि शिक्षा समाज महत्वपूर्ण भाग है। यदि यूजीसी इस कानून को लागू करती है तो शिक्षा संस्थानों में डर और भेदभाव का माहौल बनेगा जिसका असर समाज में पड़ेगा।

सुराज सेवा दल के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष विशाल शर्मा ने कहा कि यूजीसी समाज में समानता लाने के जगह समाज को जातिगत आधार पर बांटने का काम कर रहा है। कार्यक्रम के संयोजक प्रकाश हर्बोला और पहाड़ी आर्मी संगठन के अध्यक्ष हरीश रावत का कहना था कि यह कानून सामाजिक एकता को कमजोर करेगा

सरकार को एक सप्ताह का समय दिया

संगठनों ने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूजीसी को भेज ज्ञापन में सरकार को एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में नियम वापस नहीं लिए गए तो महापंचायत आयोजित कर आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। वहां स्वराज हिंद मंच के संस्थापक सुशील भट्ट, पलक अग्रवाल, प्रदीप सबरवाल, इंदर भुटियानी,हर्षवर्धन पांडे, भुवन भट्ट, देवीदयाल उपाध्याय ,राजेंद्र सिंह, राहुल झीगरन, त्रिलोक बिष्ट, मनोज अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, नितिन बोरा, हिमांशु मेहता समेत विभिन्न संगठन के लोग शामिल थे।

ये भाजपा की बंटवारे की राजनीति : हृदयेश

 यूजीसी विधेयक पर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि कॉलेजों में नियम, अनुशासन होता है कमेटियां भी बनती हैं लेकिन भाजपा ऐसा कानून ला रही है कि बच्चे कॉलेज पहुंचते ही धर्म और जाति के नाम पर बंट जाएं। भाजपा की यह बंटवारे की राजनीति है। कहा कि जहां-जहां चुनाव होते हैं वहां रात में ही पोस्टर लग जाते हैं कि बंटोगे तो कटोगे। आखिर भाजपा कितने बंटवारे करना चाहती है। जनता भाजपा की नीति को समझे। इस पर भाजपा के विधायक, सांसद और मंत्रीगण क्या कहते हैं जनता पूछे तो सही।

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