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Nainital News: शहर में कूड़ों के ढेर से उठ रही लापरवाही की दुर्गंध
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 03 May 2026 01:18 AM IST
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हल्द्वानी। नगर निगम के डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के बावजूद लोग खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं। गैर जिम्मेदार लोग मामूली शुल्क से बचने के लिए सड़कों के किनारे वन भूमि और खाली स्थानों को कूड़े से पाट रहे हैं। लोग की मनमानी से शहर में सफाई की रैंकिंग गिरने के साथ पर्यटन की छवि पर भी बट्टा लगा रहा है। मामले में जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं।
शहर में आबादी के साथ ही कूड़ा निस्तारण की समस्या भी बढ़ती जा रही है। नगर निगम के 60 वार्डों से रोजाना 150 मीट्रिक टन कूड़ा उठान किया जाता है। नगर निगम मात्र 60 रुपये प्रतिमाह कूड़ा शुल्क वसूलता है लेकिन कुछ लोग इसे देने से बचने के लिए कूड़ा अन्यत्र फेंक रहे हैं। शहर में मंडी बाईपास मार्ग, बरेली रोड बाईपास पर वन विभाग की भूमि पर कूड़ा फेंका जा रहा है। मंडी बाईपास मार्ग पर तो विभाग की चहारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर लोग जंगल के भीतर तक कूड़ा डाल रहे हैं। यहां पूर्व में नगर निगम की ओर से कूड़ा हटाकर पौधे लगाए थे लेकिन लोगों की मनमानी के कारण स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई। चकाचक बाईपास से गुजरने के दौरान लोगों को नाक पर रुमाल लगाना पड़ता है।
रामपुर रोड से गोरापड़ाव को जोड़ने वाला मार्ग जंगल क्षेत्र से गुजरता है। वन विभाग के हल्द्वानी रेंज अंतर्गत इस आरक्षित वन भूमि कूड़े से पटती जा रही है। स्थिति यह है कि सड़क के दोनों ओर कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा है। विभाग की अनदेखी से इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है। सूत्रों के अनुसार यहां लोग वाहनों से कूड़ा फेंकने पहुंच रहे हैं।
फुटपाथ हो रहा बाधित, राहगीर दुर्गंध से परेशान
शहर में रामपुर रोड, स्टेडियम रोड और नैनीताल रोड स्थित कूड़े के सेकेंडरी स्टेशन आफत बन रहे हैं। निगम के कर्मचारी इन स्टेशन पर कूड़ा फेंकते हैं, यहां से कांपेक्टर में कूड़ा शिफ्ट कर ट्रंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाते हैं। यहां कूड़ा समय पर नहीं उठने से सड़क किनारे फैला रहता है। मुख्य सड़कों पर कूड़ा डंप करने से राहगीरों के साथ ही वाहन चालक दुर्गंध से परेशान रहते हैं। कूड़ा लोडिंग के दौरान वाहन खड़े रहने से फुटपाथ बाधित होता है। इससे सुबह और शाम की सैर के दौरान लोगों को हाईवे पर चलना पड़ता है और हादसे का खतरा बना रहता है।
डंपिंग जोन पर रहता है लावारिस पशुओं का जमावड़ा
शहर में कूड़े के ढेरों के कारण न केवल स्वच्छता अभियान को झटका लग रहा है बल्कि इनके पास जमा होने वाले लावारिस पशु आफत बन रहे हैं। स्थानीय निवासी उदित गुरुरानी, गौरव जोशी, विक्की पाठक, कमल दरम्वाल का कहना है कि शहर के कई मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों के कोनों को डंपिंग जोन में तब्दील कर दिया गया है। खाने की तलाश में यहां दिन भर गायों, सांड और कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। ये पशु अक्सर अचानक सड़क के बीच में आ जाते हैं जिससे दोपहिया और चौपहिया चालकों के चोटिल होने का भय बना रहता है। खासकर रात के समय अंधेरे में इन पशुओं के दिखने से स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
कोट-
गर्मियों के मौसम में कूड़ा, गंदगी का ढेर जहां होगा, वहां मच्छर जनित रोग होने के साथ हैजा और डायरिया फैलने की आशंका रहती है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सर्कुलर जारी किया जा रहा है कि शहर में जहां-जहां कूड़े के ढेर हैं या गंदगी है, उसकी सफाई करवाएं और कूड़ा फेंकने वालों पर भी कार्रवाई करें।
डॉ. एचसी पंत, सीएमओ, नैनीताल
जिला पंचायत क्षेत्र में कूड़ा वाहनों से उठाया जा रहा है। वन विभाग से समन्वय बनाकर अभियान चलाया जाएगा और खाली स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
- महेश कुमार, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
कोट
वन विभाग का गश्ती दल कई बार कूड़े का निस्तारण कर चुका है। स्टाफ सीमित होने के चलते नियमित अभियान चलाना संभव नहीं है। सीसीटीवी लगाने की योजना है। इस संबंध में जिला पंचायत को पत्र लिखा है। लोग खुद ही जागरूक होंगे तो जंगल साफ रहेंगे।
ललित मोहन जोशी, रेंजर हल्द्वानी
कोट
निगम क्षेत्र में चिह्नित कूड़े के डंपिग जोनों को हटाया जाएगा। मंगलपड़ाव और काठगोदाम नरीमन चौराहे के पास बने सेकेंडरी स्टेशन हटा दिए गए हैं। जहां भी ऐसे सेंटर हैं, वहां से रोजाना कूड़ा उठाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परितोष वर्मा, नगर आयुक्त नगर निगम
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शहर में आबादी के साथ ही कूड़ा निस्तारण की समस्या भी बढ़ती जा रही है। नगर निगम के 60 वार्डों से रोजाना 150 मीट्रिक टन कूड़ा उठान किया जाता है। नगर निगम मात्र 60 रुपये प्रतिमाह कूड़ा शुल्क वसूलता है लेकिन कुछ लोग इसे देने से बचने के लिए कूड़ा अन्यत्र फेंक रहे हैं। शहर में मंडी बाईपास मार्ग, बरेली रोड बाईपास पर वन विभाग की भूमि पर कूड़ा फेंका जा रहा है। मंडी बाईपास मार्ग पर तो विभाग की चहारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर लोग जंगल के भीतर तक कूड़ा डाल रहे हैं। यहां पूर्व में नगर निगम की ओर से कूड़ा हटाकर पौधे लगाए थे लेकिन लोगों की मनमानी के कारण स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई। चकाचक बाईपास से गुजरने के दौरान लोगों को नाक पर रुमाल लगाना पड़ता है।
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रामपुर रोड से गोरापड़ाव को जोड़ने वाला मार्ग जंगल क्षेत्र से गुजरता है। वन विभाग के हल्द्वानी रेंज अंतर्गत इस आरक्षित वन भूमि कूड़े से पटती जा रही है। स्थिति यह है कि सड़क के दोनों ओर कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा है। विभाग की अनदेखी से इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है। सूत्रों के अनुसार यहां लोग वाहनों से कूड़ा फेंकने पहुंच रहे हैं।
फुटपाथ हो रहा बाधित, राहगीर दुर्गंध से परेशान
शहर में रामपुर रोड, स्टेडियम रोड और नैनीताल रोड स्थित कूड़े के सेकेंडरी स्टेशन आफत बन रहे हैं। निगम के कर्मचारी इन स्टेशन पर कूड़ा फेंकते हैं, यहां से कांपेक्टर में कूड़ा शिफ्ट कर ट्रंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाते हैं। यहां कूड़ा समय पर नहीं उठने से सड़क किनारे फैला रहता है। मुख्य सड़कों पर कूड़ा डंप करने से राहगीरों के साथ ही वाहन चालक दुर्गंध से परेशान रहते हैं। कूड़ा लोडिंग के दौरान वाहन खड़े रहने से फुटपाथ बाधित होता है। इससे सुबह और शाम की सैर के दौरान लोगों को हाईवे पर चलना पड़ता है और हादसे का खतरा बना रहता है।
डंपिंग जोन पर रहता है लावारिस पशुओं का जमावड़ा
शहर में कूड़े के ढेरों के कारण न केवल स्वच्छता अभियान को झटका लग रहा है बल्कि इनके पास जमा होने वाले लावारिस पशु आफत बन रहे हैं। स्थानीय निवासी उदित गुरुरानी, गौरव जोशी, विक्की पाठक, कमल दरम्वाल का कहना है कि शहर के कई मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों के कोनों को डंपिंग जोन में तब्दील कर दिया गया है। खाने की तलाश में यहां दिन भर गायों, सांड और कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। ये पशु अक्सर अचानक सड़क के बीच में आ जाते हैं जिससे दोपहिया और चौपहिया चालकों के चोटिल होने का भय बना रहता है। खासकर रात के समय अंधेरे में इन पशुओं के दिखने से स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
कोट-
गर्मियों के मौसम में कूड़ा, गंदगी का ढेर जहां होगा, वहां मच्छर जनित रोग होने के साथ हैजा और डायरिया फैलने की आशंका रहती है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सर्कुलर जारी किया जा रहा है कि शहर में जहां-जहां कूड़े के ढेर हैं या गंदगी है, उसकी सफाई करवाएं और कूड़ा फेंकने वालों पर भी कार्रवाई करें।
डॉ. एचसी पंत, सीएमओ, नैनीताल
जिला पंचायत क्षेत्र में कूड़ा वाहनों से उठाया जा रहा है। वन विभाग से समन्वय बनाकर अभियान चलाया जाएगा और खाली स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
- महेश कुमार, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
कोट
वन विभाग का गश्ती दल कई बार कूड़े का निस्तारण कर चुका है। स्टाफ सीमित होने के चलते नियमित अभियान चलाना संभव नहीं है। सीसीटीवी लगाने की योजना है। इस संबंध में जिला पंचायत को पत्र लिखा है। लोग खुद ही जागरूक होंगे तो जंगल साफ रहेंगे।
ललित मोहन जोशी, रेंजर हल्द्वानी
कोट
निगम क्षेत्र में चिह्नित कूड़े के डंपिग जोनों को हटाया जाएगा। मंगलपड़ाव और काठगोदाम नरीमन चौराहे के पास बने सेकेंडरी स्टेशन हटा दिए गए हैं। जहां भी ऐसे सेंटर हैं, वहां से रोजाना कूड़ा उठाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परितोष वर्मा, नगर आयुक्त नगर निगम
