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Haldwani: पनियाली में हर दूसरे दिन दिख रहा बाघ, अंधेरे में घर से बाहर निकलने से घबरा रहे लोग

माई सिटी रिपोर्टर Published by: गायत्री जोशी Updated Thu, 19 Mar 2026 10:12 AM IST
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सार

हल्द्वानी के पनियाली गांव में बाघ और तेंदुए की दहशत बरकरार है। वन विभाग रोज पटाखे छोड़कर वन्यजीवों को आबादी से दूर भगा रहा है।

The terror of tiger and leopard continues in Haldwani's Paniyali village
बाघ (सांकेतिक फोटो)
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विस्तार

हल्द्वानी में बाघ ने 12 फरवरी को पीपलपोखरा निवासी गंगा देवी और 25 फरवरी को पनियाली की कमला देवी को मार डाला था। तब से सुबह-शाम फतेहपुर के जंगल से सटे पनियाली ग्राम पंचायत में बाघ और तेंदुए की दहशत बरकरार है। आलम यह है कि लोगों की नींद अलार्म या मुर्गे की बांग नहीं बल्कि आतिशबाजी से खुलती है। वन विभाग रोज पटाखे छोड़कर बाघ व तेंदुए को आबादी से दूर भगा रहा है।

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पनियाली गांव में हर दूसरे-तीसरे दिन बाघ दिख रहा है। सुबह चार से छह बजे का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील बताया जा रहा है। गांव निवासी मनोज के केले के पेड़ के पास ही दो दिन पहले तेंदुआ बैठा मिल गया। परिवार की महिला सदस्य पदमा देवी कहती हैं कि सुबह नींद खुल जाती है लेकिन अंधेरे में बाहर निकलने से डर लगता है। उजाला होने के बाद जब गांव में चहल-पहल बढ़ती है तो वह बाहर आती हैं।

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कृष्णा देवी कहती हैं कि सुबह के समय पटाखे जलाकर आतिशबाजी होती है। बुधवार सुबह तो दस बजे तक रुक-रुककर पटाखे जलते रहे। मंगलवार से गांव के चारों तरफ लगाई सोलर फेंसिंग ने भी कार्य करना शुरू कर दिया।


सामने से कुत्ता उठा ले जाता है तेंदुआ
पनियाली गांव में कुत्तों की संख्या घट रही है। कालाढूंगी मार्ग से गांव की तरफ एक किलोमीटर तक कुत्ते दिखेंगे लेकिन जैसे-जैसे जंगल के करीब की आबादी में कुत्ते गायब हैं। उमा देवी कहती हैं कि कुत्तों की संख्या आधी हो गई है। आए दिन तेंदुए कुत्तों को उठा ले जा रहे हैं।

गांव के पास जंगल में बाघ भी रोज दिख रहे हैं। डर लग रहा है। बच्चों का विशेष ख्याल रखना पड़ रहा है। - चंदा देवी, पनियाली

बाघ को दूर ले जाकर छोड़ देना चाहिए। सिर्फ दिन में ही लोग बाहर निकल पाते हैं। बाकी समय घर में रहना पड़ता है। - रेखा, पनियाली

मानव-वन्य जीव संघर्ष बढ़ा है। सोलर लाइट लग गई है लेकिन खतरा बना रहता है। बच्चों की सबसे ज्यादा चिंता है। - दिनेश सिंह बिष्ट

वन विभाग की टीम सक्रिय है। सुबह और शाम को नियमित गश्त हो रही है। सोलर लाइट और फेंसिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। वन्य जीव को जंगल भेजने के लिए टीम आतिशबाजी का सहारा ले रही है। - ध्रुव सिंह मर्तोलिया, डीएफओ रामनगर

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