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Uttarakhand: डॉक्टरों के बड़े पैमाने पर तबादलों पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, सुनवाई 3 जुलाई को
Fri, 03 Jul 2026 11:04 AM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Fri, 03 Jul 2026 11:04 AM IST
सार
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों-चिकित्सकों के स्थानांतरण से स्वास्थ्य सेवाओं प्रभावित होने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन जुलाई की तिथि नियत की है।
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वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नैनीताल सहित प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। गुरुवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हाईकोर्ट में हस्तक्षेप प्रार्थना पत्र दाखिल किया। प्राधिकरण की ओर से कोर्ट को बताया कि चिकित्सकों के स्थानांतरण से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने का अंदेशा है।
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नैनीताल बीडी पांडे जिला चिकित्सालय से छह विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्थानांतरण कर दिए लेकिन उसके बदले में पांच सामान्य चिकित्सक व एक विशेषज्ञ को भेजा गया है। हल्द्वानी मेडिकल कालेज से 16 विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्थानांतरण कर दिए गए। मेडिकल कालेज के प्रसूति रोग विभाग में केवल दो विशेषज्ञ चिकित्सक रह गए हैं जबकि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के मानक के अनुसार कम से कम 15 चिकित्सक होने चाहिए। हल्द्वानी मेडिकल कालेज में फेकल्टी के 112 पद रिक्त हैं। इसके अलावा अन्य अस्पतालों से भी विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया गया लेकिन प्रतिस्थानी भेजे ही नहीं गए या भेजे तो सामान्य चिकित्सक भेज दिए।
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