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Pauri News: सड़क के लिए अधिगृहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने पर आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Fri, 15 May 2026 06:59 PM IST
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श्रीनगर। कीर्तिनगर ब्लॉक के अंतर्गत कणोली ग्राम सभा के काटल व न्यूली ग्राम सभा के काश्तकारों में सड़क निर्माण के लिए अधिगृहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने पर गहरा आक्रोश है। काश्तकारों का कहना है कि पिछले चार सालों से उन्हें मुआवजे के लिए लोनिवि व प्रशासन के अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बावजूद अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य कणोली मनोज लखेड़ा ने बताया कि वर्ष 2021-22 में काटल से न्यूली के लिए करीब दो किमी. मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। इसमें काटल व सेमला गांव के काश्तकारों के खेत काटे गए। उन्होंने कहा कि इन खेतों के मुआवजे के लिए काश्तकार कई बार लोनिवि कीर्तिनगर के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। गत 24 फरवरी को विभाग के ईई ने उन्हें एक सप्ताह के अंदर मुआवजा निर्गत कराए जाने का आश्वासन दिया था। इस मामले में वह आठ मई को भी विभागीय अधिकारियों से मिले थे जिस पर काश्तकारों को 13 मई को विभाग में आने के लिए कहा गया जब वह विभाग में पहुंचे तो उन्हें मुआवजा की प्रक्रिया में समय लगने की बात कही गई जिस पर उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। कहा शुक्रवार को भी वह स्वयं एसडीएम से इस मामले में मिले और काश्तकारों की समस्या बताई साथ ही लोनिवि कार्यालय में गए। कार्यालय कर्मियों ने मुआवजा निर्गत कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि विभाग के इस तरह के रवैए से काश्तकारों में गहरा आक्रोश है। जल्द ही मुआवजा न मिलने पर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। मांग करने वालों में पूर्व क्षेपंस प्रकाश चंद्र लखेड़ा, सुबोध उप्रेती, सुरेश घिल्डियाल, राजेंद्र उप्रेती, भागवत प्रसाद उप्रेती, विशालमणी उप्रेती आदि शामिल हैं।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य कणोली मनोज लखेड़ा ने बताया कि वर्ष 2021-22 में काटल से न्यूली के लिए करीब दो किमी. मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। इसमें काटल व सेमला गांव के काश्तकारों के खेत काटे गए। उन्होंने कहा कि इन खेतों के मुआवजे के लिए काश्तकार कई बार लोनिवि कीर्तिनगर के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। गत 24 फरवरी को विभाग के ईई ने उन्हें एक सप्ताह के अंदर मुआवजा निर्गत कराए जाने का आश्वासन दिया था। इस मामले में वह आठ मई को भी विभागीय अधिकारियों से मिले थे जिस पर काश्तकारों को 13 मई को विभाग में आने के लिए कहा गया जब वह विभाग में पहुंचे तो उन्हें मुआवजा की प्रक्रिया में समय लगने की बात कही गई जिस पर उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। कहा शुक्रवार को भी वह स्वयं एसडीएम से इस मामले में मिले और काश्तकारों की समस्या बताई साथ ही लोनिवि कार्यालय में गए। कार्यालय कर्मियों ने मुआवजा निर्गत कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि विभाग के इस तरह के रवैए से काश्तकारों में गहरा आक्रोश है। जल्द ही मुआवजा न मिलने पर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। मांग करने वालों में पूर्व क्षेपंस प्रकाश चंद्र लखेड़ा, सुबोध उप्रेती, सुरेश घिल्डियाल, राजेंद्र उप्रेती, भागवत प्रसाद उप्रेती, विशालमणी उप्रेती आदि शामिल हैं।
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