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Pauri News: मलमास समाप्त होते ही शुभ कार्यों के मुहूर्त दोबारा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 15 Jun 2026 05:59 PM IST
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श्रीनगर। सनातन धर्म संस्कृति के लिए सोमवार का दिन विशेष धार्मिक महत्व लेकर आया। अधिमास (मलमास) के समापन के साथ ही दोपहर में सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश करने पर पावन आषाढ़ माह का शुभारंभ हो गया। ज्योतिषाचार्य आचार्य आनंद प्रकाश नौटियाल ने बताया कि इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत सहित सभी मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त पुनः प्रारंभ हो गए हैं।
मलमास की समाप्ति पर श्रीनगर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में पूरे अधिमास के दौरान नियमित दीपदान करने वाली महिलाओं ने सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना कर अपने एक माह के अनुष्ठान का समापन किया। मंदिर में पंडित प्रकाश चंद्र खंखरियाल एवं पंडित जगदीश प्रसाद नैथानी ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। दीपदान में शामिल महिलाओं इंदू, शारदा और भागी देवी ने बताया कि एक माह तक निरंतर भगवान शिव की आराधना और दीपदान करने का अपना अलग आध्यात्मिक महत्व है। मलमास समाप्त होने के साथ ही नगर के बाजारों में भी रौनक लौटने लगी है। विवाह और अन्य मांगलिक आयोजनों की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार से शुभ कार्यों का सिलसिला शुरू होने के साथ ही एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी। अधिमास की समाप्ति के बाद अब आषाढ़ माह में धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यों का शुभ दौर प्रारंभ हो गया है।
मलमास की समाप्ति पर श्रीनगर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में पूरे अधिमास के दौरान नियमित दीपदान करने वाली महिलाओं ने सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना कर अपने एक माह के अनुष्ठान का समापन किया। मंदिर में पंडित प्रकाश चंद्र खंखरियाल एवं पंडित जगदीश प्रसाद नैथानी ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। दीपदान में शामिल महिलाओं इंदू, शारदा और भागी देवी ने बताया कि एक माह तक निरंतर भगवान शिव की आराधना और दीपदान करने का अपना अलग आध्यात्मिक महत्व है। मलमास समाप्त होने के साथ ही नगर के बाजारों में भी रौनक लौटने लगी है। विवाह और अन्य मांगलिक आयोजनों की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार से शुभ कार्यों का सिलसिला शुरू होने के साथ ही एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी। अधिमास की समाप्ति के बाद अब आषाढ़ माह में धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यों का शुभ दौर प्रारंभ हो गया है।
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