{"_id":"69c930448723951ab101facf","slug":"char-dham-yatra-transport-corporation-begins-preparations-shrinagar-news-c-53-1-sdrn1038-121437-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"चारधाम यात्रा: परिवहन निगम ने शुरू की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चारधाम यात्रा: परिवहन निगम ने शुरू की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sun, 29 Mar 2026 07:29 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चारधाम यात्रा: परिवहन निगम ने शुरू की तैयारी
श्रीनगर। आगामी चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन निगम ने कमर कस ली है। यात्रा सीजन की तैयारियों को लेकर शनिवार को निगम मुख्यालय में महाप्रबंधक रीना जोशी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान परिवहन व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।श्रीनगर के रोडवेज प्रभारी अशोक काला ने बताया कि बैठक में जीएम कांति सिंह सहित एमडी कार्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रदेश के सभी डिपो प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा सीजन के लिए मुख्य रूप से बीएस-6 मॉडल की गाड़ियों का ही उपयोग किया जाए।अधिकारियों ने बताया कि पूरी चारधाम यात्रा के दौरान रोडवेज की कुल 50 बसें संचालित की जाएंगी। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न डिपो से बसें जुटाई जा रही हैं। जिस डिपो में बसों की संख्या अधिक होगी, वहां से यात्रा के लिए ज्यादा बसें लगाई जाएंगी। वर्तमान में श्रीनगर डिपो के पास कुल 13 बसें उपलब्ध हैं, जिनमें से 6 बसें बीएस-6 मॉडल की हैं। इनमें से 4 बसों को चारधाम यात्रा में लगाया जाएगा। यात्रा काल में तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए बसों को ऋषिकेश भेजा जाएगा। वहीं, तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर जल्द ही एक और बैठक आयोजित की जाएगी।यात्रियों की सुविधाओं को लेकर बस अड्डों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सभी बस अड्डों पर स्वच्छ भोजन, साफ शौचालय, ठंडे पेयजल और यात्रियों के बैठने के लिए शेड की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गर्मी के मौसम को देखते हुए यात्रियों के बचाव और आराम के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। साथ ही, यात्रा पर जाने वाली सभी गाड़ियों के परमिट, लोकेशन और ग्रीन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज पूरी तरह से अपडेट रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।श्रीनगर सहित सभी स्टेशन प्रभारियों को यह भी स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि चारधाम यात्रा की व्यस्तता के चलते प्रतिदिन सफर करने वाले स्थानीय और दैनिक यात्रियों को कोई असुविधा न हो। दैनिक यात्रियों के आवागमन के लिए भी बसों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए, ताकि नियमित परिवहन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।
Trending Videos
श्रीनगर। आगामी चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन निगम ने कमर कस ली है। यात्रा सीजन की तैयारियों को लेकर शनिवार को निगम मुख्यालय में महाप्रबंधक रीना जोशी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान परिवहन व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।श्रीनगर के रोडवेज प्रभारी अशोक काला ने बताया कि बैठक में जीएम कांति सिंह सहित एमडी कार्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रदेश के सभी डिपो प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा सीजन के लिए मुख्य रूप से बीएस-6 मॉडल की गाड़ियों का ही उपयोग किया जाए।अधिकारियों ने बताया कि पूरी चारधाम यात्रा के दौरान रोडवेज की कुल 50 बसें संचालित की जाएंगी। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न डिपो से बसें जुटाई जा रही हैं। जिस डिपो में बसों की संख्या अधिक होगी, वहां से यात्रा के लिए ज्यादा बसें लगाई जाएंगी। वर्तमान में श्रीनगर डिपो के पास कुल 13 बसें उपलब्ध हैं, जिनमें से 6 बसें बीएस-6 मॉडल की हैं। इनमें से 4 बसों को चारधाम यात्रा में लगाया जाएगा। यात्रा काल में तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए बसों को ऋषिकेश भेजा जाएगा। वहीं, तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर जल्द ही एक और बैठक आयोजित की जाएगी।यात्रियों की सुविधाओं को लेकर बस अड्डों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सभी बस अड्डों पर स्वच्छ भोजन, साफ शौचालय, ठंडे पेयजल और यात्रियों के बैठने के लिए शेड की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गर्मी के मौसम को देखते हुए यात्रियों के बचाव और आराम के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। साथ ही, यात्रा पर जाने वाली सभी गाड़ियों के परमिट, लोकेशन और ग्रीन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज पूरी तरह से अपडेट रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।श्रीनगर सहित सभी स्टेशन प्रभारियों को यह भी स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि चारधाम यात्रा की व्यस्तता के चलते प्रतिदिन सफर करने वाले स्थानीय और दैनिक यात्रियों को कोई असुविधा न हो। दैनिक यात्रियों के आवागमन के लिए भी बसों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए, ताकि नियमित परिवहन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।