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Pauri News: नवनिर्मित पुल की प्लेटाें के उखड़ने से आवाजाही में खतरा
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लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
देवप्रयाग। करोड़ों की लागत से यहां अलकनंदा नदी पर टोडेंश्वर टापू को संगम और प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर से जोड़ने के लिए नवनिर्मित पैदल पुल के फर्श पर लगी लोहे की प्लेटों की वेल्डिंग उखड़नी शुरू हो गई है। इससे आवाजाही में खतरा पैदा हो रहा है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाए हैं।राज्य योजना के अंतर्गत 498.41 लाख रुपये की लागत से तैयार इस 70 मीटर स्पान के पुल का लोकार्पण बीते दिसंबर 2024 में क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी द्वारा किया गया था, लेकिन लोकार्पण के एक वर्ष बाद ही निर्माण कार्य की परतें खुलने लगी हैं। पुल की सतह पर प्लेटें उखड़ने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को पुल में जाने से भय का सामना करना पड़ रहा है। बदहाली का आलम केवल पुल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस पुल को जोड़ने वाली सड़क की हालत भी दयनीय बनी हुई है। सड़क पर बने गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, जिनमें कई दुपहिया वाहन सवार चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय निवासी मुकेश पंचपुरी, त्रिवेंद्र रावत का कहना है कि पांच करोड़ की भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद चंद महीनों में ही पुल और सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त होना कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कराने और तत्काल मरम्मत की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। सहायक अभियंता यतेंद्र रावत ने कहा कि पुल से दुपहिया वाहनों की आवाजाही से इस तरह की दिक्कत हो रही है, जल्द ही इसे ठीक कर दिया जाएगा।
जारी-- राजेश भट्ट
देवप्रयाग। करोड़ों की लागत से यहां अलकनंदा नदी पर टोडेंश्वर टापू को संगम और प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर से जोड़ने के लिए नवनिर्मित पैदल पुल के फर्श पर लगी लोहे की प्लेटों की वेल्डिंग उखड़नी शुरू हो गई है। इससे आवाजाही में खतरा पैदा हो रहा है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाए हैं।राज्य योजना के अंतर्गत 498.41 लाख रुपये की लागत से तैयार इस 70 मीटर स्पान के पुल का लोकार्पण बीते दिसंबर 2024 में क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी द्वारा किया गया था, लेकिन लोकार्पण के एक वर्ष बाद ही निर्माण कार्य की परतें खुलने लगी हैं। पुल की सतह पर प्लेटें उखड़ने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को पुल में जाने से भय का सामना करना पड़ रहा है। बदहाली का आलम केवल पुल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस पुल को जोड़ने वाली सड़क की हालत भी दयनीय बनी हुई है। सड़क पर बने गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, जिनमें कई दुपहिया वाहन सवार चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय निवासी मुकेश पंचपुरी, त्रिवेंद्र रावत का कहना है कि पांच करोड़ की भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद चंद महीनों में ही पुल और सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त होना कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कराने और तत्काल मरम्मत की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। सहायक अभियंता यतेंद्र रावत ने कहा कि पुल से दुपहिया वाहनों की आवाजाही से इस तरह की दिक्कत हो रही है, जल्द ही इसे ठीक कर दिया जाएगा।
जारी

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