{"_id":"6a6f32aa723dda614c0fd2da","slug":"forestry-department-showing-women-the-path-to-self-reliance-shrinagar-news-c-53-1-sdrn1038-124901-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहा वानिकी विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहा वानिकी विभाग
Sun, 02 Aug 2026 05:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sun, 02 Aug 2026 05:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- उन्नत फलदार व औषधीय पौधे भी निशुल्क वितरित
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय का वानिकी विभाग छात्रों को डिग्री व डिप्लोमा के साथ ही ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग की ओर से महिलाओं को उद्यानीकरण का प्रशिक्षण देने के साथ उन्नत किस्म के फलदार व औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण भी किया जा रहा है।
वानिकी विभाग के वैज्ञानिक व प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े डॉ. तेजपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि विभाग की ओर से प्रत्येक माह दो से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महिलाओं की घरेलू जिम्मेदारियों और समय की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अधिकांश प्रशिक्षण गांवों में ही आयोजित किए जाते हैं जिससे उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती और अधिक से अधिक महिलाएं प्रशिक्षण का लाभ उठा पाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं को आधुनिक उद्यानीकरण तकनीकों, उन्नत फलदार पौधों के चयन और रोपण, पौधों की देखभाल, कीट एवं रोग प्रबंधन, जलवायु के अनुकूल फल उत्पादन, फल प्रसंस्करण, सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती व जैविक खेती की विस्तृत जानकारी दी जाती है।प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को विभाग की ओर से उन्नत किस्म के फलदार और औषधीय पौधे तथा बीच भी निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं वैज्ञानिक पद्धति से खेती और बागवानी अपनाती हैं तो सीमित संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन और अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है।
विज्ञापन
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय का वानिकी विभाग छात्रों को डिग्री व डिप्लोमा के साथ ही ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग की ओर से महिलाओं को उद्यानीकरण का प्रशिक्षण देने के साथ उन्नत किस्म के फलदार व औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण भी किया जा रहा है।
वानिकी विभाग के वैज्ञानिक व प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े डॉ. तेजपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि विभाग की ओर से प्रत्येक माह दो से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महिलाओं की घरेलू जिम्मेदारियों और समय की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अधिकांश प्रशिक्षण गांवों में ही आयोजित किए जाते हैं जिससे उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती और अधिक से अधिक महिलाएं प्रशिक्षण का लाभ उठा पाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं को आधुनिक उद्यानीकरण तकनीकों, उन्नत फलदार पौधों के चयन और रोपण, पौधों की देखभाल, कीट एवं रोग प्रबंधन, जलवायु के अनुकूल फल उत्पादन, फल प्रसंस्करण, सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती व जैविक खेती की विस्तृत जानकारी दी जाती है।प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को विभाग की ओर से उन्नत किस्म के फलदार और औषधीय पौधे तथा बीच भी निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं वैज्ञानिक पद्धति से खेती और बागवानी अपनाती हैं तो सीमित संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन और अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है।
विज्ञापन