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Pauri News: बछिया पालन योजना से बदलेंगी गांवों की तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 22 Jun 2026 06:50 PM IST
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- महिलाओं को मिलेगा रोजगार और आत्मनिर्भरता का सहारा
- बछिया खरीद और पालन-पोषण के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता
सत्य प्रसाद मैठाणी
श्रीनगर। ग्रामीण क्षेत्रों की महिला दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से श्रीनगर आंचल डेयरी ने जिला योजना के तहत बछिया पालन योजना शुरू की है। योजना के लिए जून के अंतिम सप्ताह से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके माध्यम से महिलाओं को उन्नत नस्ल की बछिया उपलब्ध कराने के साथ ही उनके पालन-पोषण में भी आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे दुग्ध व्यवसाय के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें।
आंचल डेयरी के प्रबंधक श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादकों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत चयनित महिलाओं को उन्नत नस्ल की बछिया खरीदने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त बछिया के एक वर्ष के पालन-पोषण के लिए 20 हजार रुपये की सहायता पशु आहार, भूसा, मिनरल मिक्सचर, साइलेज एवं अन्य आवश्यक सामग्री के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि इस योजना से महिला दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी और वे डेयरी व्यवसाय के प्रति अधिक आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा उन्नत नस्ल के गोवंश की संख्या में वृद्धि होने से दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और महिलाएं स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बना सकें। संवाद
- बछिया खरीद और पालन-पोषण के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता
सत्य प्रसाद मैठाणी
श्रीनगर। ग्रामीण क्षेत्रों की महिला दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से श्रीनगर आंचल डेयरी ने जिला योजना के तहत बछिया पालन योजना शुरू की है। योजना के लिए जून के अंतिम सप्ताह से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके माध्यम से महिलाओं को उन्नत नस्ल की बछिया उपलब्ध कराने के साथ ही उनके पालन-पोषण में भी आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे दुग्ध व्यवसाय के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें।
आंचल डेयरी के प्रबंधक श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादकों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत चयनित महिलाओं को उन्नत नस्ल की बछिया खरीदने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त बछिया के एक वर्ष के पालन-पोषण के लिए 20 हजार रुपये की सहायता पशु आहार, भूसा, मिनरल मिक्सचर, साइलेज एवं अन्य आवश्यक सामग्री के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि इस योजना से महिला दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी और वे डेयरी व्यवसाय के प्रति अधिक आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा उन्नत नस्ल के गोवंश की संख्या में वृद्धि होने से दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और महिलाएं स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बना सकें। संवाद
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