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Pauri News: कीर्तिनगर-देवप्रयाग के आंगनबाड़ी केंद्रों में स्टाफ संकट गहराया
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 22 Jun 2026 06:48 PM IST
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- कार्यकर्ता और सहायिकाओं के रिक्त पदों से संचालन प्रभावित, विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था से संभाली जिम्मेदारी
- पास के गांवों की सहायिकाओं को अस्थायी रूप से दी गई जिम्मेदारी
कीर्तिनगर। विकास खंड कीर्तिनगर और देवप्रयाग के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए चुनौती बनता जा रहा है। कई केंद्रों में तैनात सहायिकाएं सेवानिवृत्त हो चुकी हैं या उन्होंने सेवा से त्यागपत्र दे दिया है। वहीं, कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं की पदोन्नति होने से पद रिक्त हैं। ऐसे में विभाग को केंद्रों का नियमित संचालन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार कीर्तिनगर ब्लॉक के मंजाकोट और जखंड व देवप्रयाग ब्लॉक के लक्षमोली आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता और सहायिका दोनों के पद खाली हैं। इसके अलावा अन्य कई केंद्रों में भी सहायिकाओं के सेवानिवृत्त होने या कार्यकर्ताओं के पदोन्नत होने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई केंद्रों में मौजूद सहायिकाएं कम शिक्षित हैं। ऐसे में शासन और विभाग की ओर से समय-समय पर मांगी जाने वाली सूचनाओं, पोषण ट्रैकर ऐप और अन्य ऑनलाइन कार्यों के संचालन में दिक्कतें आने की आशंका बनी हुई है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और आंकड़ों के संकलन पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि विभाग ने प्रभावित केंद्रों में सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए नजदीकी गांवों की सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। इसके चलते संबंधित कार्मिकों को अपने मूल केंद्रों के साथ दूसरे केंद्रों का कार्य भी संभालना पड़ रहा है।
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क्षेत्र की सीडीपीओ ने बताया कि जिन केंद्रों में कार्यकर्ता और सहायिका के पद रिक्त हैं, वहां पास के गांवों की सहायिकाओं को अस्थायी रूप से जिम्मेदारी दी गई है, ताकि बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है और स्थायी व्यवस्था होने तक वैकल्पिक प्रबंध जारी रहेंगे।
- पास के गांवों की सहायिकाओं को अस्थायी रूप से दी गई जिम्मेदारी
कीर्तिनगर। विकास खंड कीर्तिनगर और देवप्रयाग के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए चुनौती बनता जा रहा है। कई केंद्रों में तैनात सहायिकाएं सेवानिवृत्त हो चुकी हैं या उन्होंने सेवा से त्यागपत्र दे दिया है। वहीं, कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं की पदोन्नति होने से पद रिक्त हैं। ऐसे में विभाग को केंद्रों का नियमित संचालन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार कीर्तिनगर ब्लॉक के मंजाकोट और जखंड व देवप्रयाग ब्लॉक के लक्षमोली आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता और सहायिका दोनों के पद खाली हैं। इसके अलावा अन्य कई केंद्रों में भी सहायिकाओं के सेवानिवृत्त होने या कार्यकर्ताओं के पदोन्नत होने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई केंद्रों में मौजूद सहायिकाएं कम शिक्षित हैं। ऐसे में शासन और विभाग की ओर से समय-समय पर मांगी जाने वाली सूचनाओं, पोषण ट्रैकर ऐप और अन्य ऑनलाइन कार्यों के संचालन में दिक्कतें आने की आशंका बनी हुई है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और आंकड़ों के संकलन पर भी असर पड़ सकता है।
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हालांकि विभाग ने प्रभावित केंद्रों में सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए नजदीकी गांवों की सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। इसके चलते संबंधित कार्मिकों को अपने मूल केंद्रों के साथ दूसरे केंद्रों का कार्य भी संभालना पड़ रहा है।
क्षेत्र की सीडीपीओ ने बताया कि जिन केंद्रों में कार्यकर्ता और सहायिका के पद रिक्त हैं, वहां पास के गांवों की सहायिकाओं को अस्थायी रूप से जिम्मेदारी दी गई है, ताकि बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है और स्थायी व्यवस्था होने तक वैकल्पिक प्रबंध जारी रहेंगे।