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Pauri News: शोध की विभिन्न विधियों के बारे में दी जानकारी

संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी Updated Thu, 02 Apr 2026 07:44 PM IST
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Information about various research methods
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श्रीनगर l हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित 10 दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला के दूसरे दिन कई सत्रों का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में प्रो. सीमा धवन ने शोध के लिए एकीकृत सांख्यिकीय विधियों पर जानकारी दी। द्वितीय सत्र में डॉ. अखिलेश कुमार गौतम ने एआई-सक्षम शोध कार्यप्रवाह के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। तृतीय सत्र में डॉ. हर सिंह ने ई-पुस्तकालय के विभिन्न उपकरणों और संसाधनों के उपयोग के बारे में बताया। चतुर्थ सत्र के दौरान सभी प्रतिभागियों को चौरास परिसर स्थित केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण करवाया गया। मौके पर कार्यशाला के निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह, सह-निदेशक डॉ. आलोक कुमार गौतम, पायल विज व वैभव कुमार द्विवेदी आदि मौजूद रहे। संवाद
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परिसर-परिसर वंदे मातरम कार्यक्रम का किया आयोजन
श्रीनगर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) श्रीनगर इकाई द्वारा वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “परिसर-परिसर वंदे मातरम्” अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि परिषद के प्रांत शोध प्रमुख एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. विश्वेश वाग्मी ने छात्रों से दैनिक जीवन में वंदे मातरम् का अधिक प्रयोग करने की बात कही। एबीवीपी के जिला संगठन मंत्री नितिन चौहान, छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट, प्रांत सहमंत्री गौरव मोहन नेगी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जसवंत सिंह राणा, विवि इकाई अध्यक्ष अजय कुमार, पंकज टम्टा, संजय पंवार आदि मौजूद रहे। संचालन पंकज फर्स्वाण ने किया। संवाद
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विवि की छवि खराब करने से जुड़ी सामग्री साझा की तो होगी कार्रवाई

श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय ने कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में विवि से विश्वविद्यालय की छवि खराब करने से संबंधित सामग्री साझा करने पर सख्त रोक लगाई है। इस संबंध में हाल ही में विवि के कुलसचिव की ओर से परिपत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि कोई भी कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारी विवि की छवि खराब करने वाली किसी भी तरह की सूचनाएं व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम या समाचार पत्रों में प्रसारित न करें। पूर्व में भी इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं, बावजूद कुछ कार्मिक लगातार सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर विवि से संबंधित सामग्री साझा कर रहे हैं, जिससे संस्थान की छवि धूमिल हो रही है। कहा अंतिम सूचना के बावजूद यदि इस पर लगाम नहीं लगी तो संबंधित के खिलाफ केंद्रीय कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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