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Pauri News: श्रीनगर-को-ट्रीटमेंट प्लांट ने पकड़ी रफ्तार, अब तक 78 टैंकर सीवेज का हुआ सफल निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 04 Apr 2026 06:07 PM IST
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- प्लांट के रखरखाव की जिम्मेदारी कोटद्वार की एक कंपनी को सौंपी
सत्य प्रसाद मैठाणी
श्रीनगर। शहर की सफाई व्यवस्था और सीवेज निस्तारण के लिए लंबे समय से चली आ रही परेशानी अब दूर हो गई है। नर्सरी रोड स्थित एसटीपी परिसर में करीब दो करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से बना आधुनिक को-ट्रीटमेंट प्लांट अब पूरी तरह से सुचारु हो गया है।
बीते 25 सितंबर को इस प्लांट की शुरुआत हुई थी और सफल ट्रायल के बाद अब यहां नियमित रूप से सीवेज का शोधन (ट्रीटमेंट) किया जा रहा है। यह प्लांट विशेष रूप से उन घरों और संस्थानों के लिए बड़ा वरदान साबित हो रहा है जो अभी तक सीवर लाइन नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए थे। प्लांट के ऑपरेटर विवेक ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रायल के कुछ दिन बाद ही प्लांट ने पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर दिया था। सितंबर से लेकर अब तक यहां 78 टैंकर गंदे पानी का सफल ट्रीटमेंट किया जा चुका है।
इन संस्थानों और कॉलोनियों को मिल रही राहत--
अब नगर निगम के टैंकरों के माध्यम से सीधे सेप्टिक टैंक खाली कर गंदा पानी इस प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक बेस अस्पताल, पॉलिटेक्निक और एलएंडटी जैसे प्रमुख संस्थानों के अलावा गुरुद्वारा रोड, नर्सरी रोड और प्रगति विहार जैसे आवासीय क्षेत्रों के सीवेज का निस्तारण किया जा चुका है। यहां गंदे पानी का सुरक्षित तरीके से ट्रीटमेंट कर उसे पुनः एसटीपी में छोड़ा जा रहा है। इससे शहर में गंदगी की समस्या काफी हद तक कम हुई है और प्रदूषण पर भी लगाम लगी है।
5 साल तक कोटद्वार की कंपनी करेगी संचालन-- -
गौरतलब है कि इस प्लांट के निर्माण से लेकर अगले पांच साल तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी कोटद्वार की एक कंपनी को सौंपी गई है। पेयजल निगम इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि सेप्टिक टैंक खाली कराने और गंदे पानी को सुरक्षित तरीके से प्लांट तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से चलती रहे। वहीं, आने वाले समय में शहर के अन्य बड़े संस्थानों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। संवाद
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सत्य प्रसाद मैठाणी
श्रीनगर। शहर की सफाई व्यवस्था और सीवेज निस्तारण के लिए लंबे समय से चली आ रही परेशानी अब दूर हो गई है। नर्सरी रोड स्थित एसटीपी परिसर में करीब दो करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से बना आधुनिक को-ट्रीटमेंट प्लांट अब पूरी तरह से सुचारु हो गया है।
बीते 25 सितंबर को इस प्लांट की शुरुआत हुई थी और सफल ट्रायल के बाद अब यहां नियमित रूप से सीवेज का शोधन (ट्रीटमेंट) किया जा रहा है। यह प्लांट विशेष रूप से उन घरों और संस्थानों के लिए बड़ा वरदान साबित हो रहा है जो अभी तक सीवर लाइन नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए थे। प्लांट के ऑपरेटर विवेक ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रायल के कुछ दिन बाद ही प्लांट ने पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर दिया था। सितंबर से लेकर अब तक यहां 78 टैंकर गंदे पानी का सफल ट्रीटमेंट किया जा चुका है।
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इन संस्थानों और कॉलोनियों को मिल रही राहत
अब नगर निगम के टैंकरों के माध्यम से सीधे सेप्टिक टैंक खाली कर गंदा पानी इस प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक बेस अस्पताल, पॉलिटेक्निक और एलएंडटी जैसे प्रमुख संस्थानों के अलावा गुरुद्वारा रोड, नर्सरी रोड और प्रगति विहार जैसे आवासीय क्षेत्रों के सीवेज का निस्तारण किया जा चुका है। यहां गंदे पानी का सुरक्षित तरीके से ट्रीटमेंट कर उसे पुनः एसटीपी में छोड़ा जा रहा है। इससे शहर में गंदगी की समस्या काफी हद तक कम हुई है और प्रदूषण पर भी लगाम लगी है।
5 साल तक कोटद्वार की कंपनी करेगी संचालन
गौरतलब है कि इस प्लांट के निर्माण से लेकर अगले पांच साल तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी कोटद्वार की एक कंपनी को सौंपी गई है। पेयजल निगम इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि सेप्टिक टैंक खाली कराने और गंदे पानी को सुरक्षित तरीके से प्लांट तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से चलती रहे। वहीं, आने वाले समय में शहर के अन्य बड़े संस्थानों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। संवाद