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Pauri News: नैनबाग क्षेत्र में रोज बारिश होने से सड़ रही है टमाटर की फसल
Fri, 24 Jul 2026 06:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Fri, 24 Jul 2026 06:42 PM IST
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नैनबाग क्षेत्र में रोज बारिश होने से सड़ रही है टमाटर की फसल
देहरादून मंडी में कम मिल रहा दाम, लागत भी नहीं उठा पा रहे किसान
नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर क्षेत्र में लगातार बारिश होने से टमाटर की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। देहरादून मंडी में भी टमाटर के दाम बहुत कम मिलने से काश्तकारों के चेहरों पर उदासी छाई हुई है। परेशान किसानों ने कृषि विभाग से फसल बचाने में सहयोग करने और मंडी में टमाटर के दाम तय करने की मांग की है।
किसानों को नकदी फसल उगाकर आर्थिकी बढ़ाने की नसीहतें समय-समय पर दी जाती रही हैं लेकिन कड़ी मेहनत करने के बाद बाजार में बिकने को तैयार फसल जब पेड़ पर ही सड़ने लगे और किसी तरह मंडी तक पहुंचाई गई उपज का दाम भी बहुत कम मिले तो मुनाफे तो दूर किसान को उसकी लागत भी नहीं मिल पा रही है। नैनबाग क्षेत्र के नैनगांव, द्वारकापुरी, मरोड़, खैराड़, जयद्वार, खरसोन और नकोट आदि कई गांव के काश्तकार बड़ी संख्या में टमाटर की खेती करते हैं लेकिन कई दिनों से लगातार हो रही बारिश उनके लिए अभिशाप बन गई है। कड़ी मेहनत के बाद जब फसल बिकने तो तैयार हुई तब बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेरने लगी है। बारिश के कारण टमाटर की फसल पेड़ों पर ही सड़ रही है। काश्तकार कुछ फसल बचाकर देहरादून मंडी में पहुंचा रहे हैं लेकिन वहां दाम इतने कम मिल रहे हैं, कि लागत भी नहीं उठ पा रही है। काश्तकार शरण सिंह पंवार, दिनेश बिज्लवाण, मयंक बिज्लवाण, रामलाल कवि, विरेश कवि, गबर सिंह चौहान और मनोज कवि आदि ने बताया कि खेतों में टमाटर लाल होने की वजाए सफेद और पीले पड़ रहे हैं। ज्यादा बारिश के कारण अधिकतर टमाटर सड़ रहे हैं। बाजार में भी टमाटर का दाम बहुत कम मिल रहा है जिससे काश्तकारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
टमाटर की फसल को बचाने के लिए काश्तकारों को कीटनाशक दवा का छिड़काव कर फसल को कीड़े और अन्य बीमारी से बचाने की सलाह दी गई है। फसल बचाने के लिए किसानों को दवा भी वितरित की जाती है। ज्यादा नुकसान होने पर फसल बीमा के माध्यम से भरपाई करने का प्रयास किया जाएगा।
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- सुनील डोगरा, ब्लाॅक कृषि अधिकारी जौनपुर।
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देहरादून मंडी में कम मिल रहा दाम, लागत भी नहीं उठा पा रहे किसान
नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर क्षेत्र में लगातार बारिश होने से टमाटर की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। देहरादून मंडी में भी टमाटर के दाम बहुत कम मिलने से काश्तकारों के चेहरों पर उदासी छाई हुई है। परेशान किसानों ने कृषि विभाग से फसल बचाने में सहयोग करने और मंडी में टमाटर के दाम तय करने की मांग की है।
किसानों को नकदी फसल उगाकर आर्थिकी बढ़ाने की नसीहतें समय-समय पर दी जाती रही हैं लेकिन कड़ी मेहनत करने के बाद बाजार में बिकने को तैयार फसल जब पेड़ पर ही सड़ने लगे और किसी तरह मंडी तक पहुंचाई गई उपज का दाम भी बहुत कम मिले तो मुनाफे तो दूर किसान को उसकी लागत भी नहीं मिल पा रही है। नैनबाग क्षेत्र के नैनगांव, द्वारकापुरी, मरोड़, खैराड़, जयद्वार, खरसोन और नकोट आदि कई गांव के काश्तकार बड़ी संख्या में टमाटर की खेती करते हैं लेकिन कई दिनों से लगातार हो रही बारिश उनके लिए अभिशाप बन गई है। कड़ी मेहनत के बाद जब फसल बिकने तो तैयार हुई तब बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेरने लगी है। बारिश के कारण टमाटर की फसल पेड़ों पर ही सड़ रही है। काश्तकार कुछ फसल बचाकर देहरादून मंडी में पहुंचा रहे हैं लेकिन वहां दाम इतने कम मिल रहे हैं, कि लागत भी नहीं उठ पा रही है। काश्तकार शरण सिंह पंवार, दिनेश बिज्लवाण, मयंक बिज्लवाण, रामलाल कवि, विरेश कवि, गबर सिंह चौहान और मनोज कवि आदि ने बताया कि खेतों में टमाटर लाल होने की वजाए सफेद और पीले पड़ रहे हैं। ज्यादा बारिश के कारण अधिकतर टमाटर सड़ रहे हैं। बाजार में भी टमाटर का दाम बहुत कम मिल रहा है जिससे काश्तकारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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टमाटर की फसल को बचाने के लिए काश्तकारों को कीटनाशक दवा का छिड़काव कर फसल को कीड़े और अन्य बीमारी से बचाने की सलाह दी गई है। फसल बचाने के लिए किसानों को दवा भी वितरित की जाती है। ज्यादा नुकसान होने पर फसल बीमा के माध्यम से भरपाई करने का प्रयास किया जाएगा।
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- सुनील डोगरा, ब्लाॅक कृषि अधिकारी जौनपुर।