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Pithoragarh News: छापा मारा तो बेनकाब हो गई स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत
Tue, 28 Jul 2026 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 28 Jul 2026 10:51 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में डीएम के औचक निरीक्षण के दौरान भारी लापरवाही और अव्यवस्थाएं सामने आईं। अस्पताल में मरीजों को गंदी चादरों और बदहाल शौचालयों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, वहीं स्वास्थ्य कर्मियों के ड्रेस कोड और नेम प्लेट न पहनने के कारण मरीजों और तीमारदारों के लिए डॉक्टरों व कर्मचारियों में फर्क करना मुश्किल हो गया है।
जिला अस्पताल में मरीजों की सबसे अधिक भीड़ रहती है। रोजाना यहां 900 से अधिक मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में पहुंचते हैं। वहीं 120 से अधिक मरीजों को भर्ती किया जाता है। बीते दिनों संवाद न्यूज एजेंसी ने जिला अस्पताल में के वार्डों और शौचालयों में गंदगी, पानी की किल्लत, मरीजों को बाहर से दवा लिखने, हेल्प डेस्क को डॉक्टरों की उपलब्धता की जानकारी न होना सहित कई समस्याओं को लेकर खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की गईं।
इन खबरों का संज्ञान लेकर डीएम आशीष कुमार भटगाईं ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो उन्होंने कई खामियां पकड़ीं। अस्पताल में सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। मरीज गंदी चादरों में सोते मिले। शौचालयों भी गंदगी से पटे हैं। औषधि भंडार में पर्याप्त दवा उपलब्ध है। इसके बाद भी मरीजों से बाहर से दवा मंगाई जा रही है।
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डीएम ने इन अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से समझौता हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ड्रेस कोड में रहना होगा
जिला अस्पताल में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए ड्रेस कोड लागू है। हैरानी है कि कोई भी ड्रेस नहीं पहनता है। ऐसे में मरीजों को मालूम नहीं चलता कि कौन डॉक्टर है और कौन सफाई कर्मी और स्टाफ नर्स। डीएम ने हर स्वास्थ्य कर्मी को ड्रेस पहनने के साथ ही नेम प्लेट लगाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि मरीजों को हर स्वास्थ्य कर्मी के बारे में जानकारी हो।
मैन्यू के हिसाब से मरीजों को मिलेगा भोजन
डीएम ने मरीजों से वार्ता कर भोजन के मिलने का समय और गुणवत्ता की जानकारी ली। कई मरीजों ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता को सुधारने की जरूरत है। इस पर डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को समय पर और मैन्यू के हिसाब से मरीजों को शुद्ध भोजन उपलब्ध करने के निर्देश दिए।
हेल्प डेस्क से घर बैठे जान सकेंगे डॉक्टरों की उपलब्धता
जिला अस्पताल में हेल्प डेस्क स्थापित है। हैरानी है कि हेल्प डेस्क में तैनात कर्मियों को अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टरों की जानकारी नहीं है। अब मरीज घर बैठे 9045848889 नंबर पर फोन कर मरीज चिकित्सक, एम्बुलेंस की उपलब्धता के साथ ही अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
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जिला अस्पताल में मरीजों की सबसे अधिक भीड़ रहती है। रोजाना यहां 900 से अधिक मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में पहुंचते हैं। वहीं 120 से अधिक मरीजों को भर्ती किया जाता है। बीते दिनों संवाद न्यूज एजेंसी ने जिला अस्पताल में के वार्डों और शौचालयों में गंदगी, पानी की किल्लत, मरीजों को बाहर से दवा लिखने, हेल्प डेस्क को डॉक्टरों की उपलब्धता की जानकारी न होना सहित कई समस्याओं को लेकर खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की गईं।
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इन खबरों का संज्ञान लेकर डीएम आशीष कुमार भटगाईं ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो उन्होंने कई खामियां पकड़ीं। अस्पताल में सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। मरीज गंदी चादरों में सोते मिले। शौचालयों भी गंदगी से पटे हैं। औषधि भंडार में पर्याप्त दवा उपलब्ध है। इसके बाद भी मरीजों से बाहर से दवा मंगाई जा रही है।
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डीएम ने इन अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से समझौता हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ड्रेस कोड में रहना होगा
जिला अस्पताल में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए ड्रेस कोड लागू है। हैरानी है कि कोई भी ड्रेस नहीं पहनता है। ऐसे में मरीजों को मालूम नहीं चलता कि कौन डॉक्टर है और कौन सफाई कर्मी और स्टाफ नर्स। डीएम ने हर स्वास्थ्य कर्मी को ड्रेस पहनने के साथ ही नेम प्लेट लगाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि मरीजों को हर स्वास्थ्य कर्मी के बारे में जानकारी हो।
मैन्यू के हिसाब से मरीजों को मिलेगा भोजन
डीएम ने मरीजों से वार्ता कर भोजन के मिलने का समय और गुणवत्ता की जानकारी ली। कई मरीजों ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता को सुधारने की जरूरत है। इस पर डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को समय पर और मैन्यू के हिसाब से मरीजों को शुद्ध भोजन उपलब्ध करने के निर्देश दिए।
हेल्प डेस्क से घर बैठे जान सकेंगे डॉक्टरों की उपलब्धता
जिला अस्पताल में हेल्प डेस्क स्थापित है। हैरानी है कि हेल्प डेस्क में तैनात कर्मियों को अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टरों की जानकारी नहीं है। अब मरीज घर बैठे 9045848889 नंबर पर फोन कर मरीज चिकित्सक, एम्बुलेंस की उपलब्धता के साथ ही अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे।