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Pithoragarh News: कैलाश मानसरोवर यात्रा के सातवें दल के यात्री देवभूमि के रंग में डूबे, पारंपरिक तरीके से स्वागत
Tue, 28 Jul 2026 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 28 Jul 2026 10:52 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। कैलाश मानसरोवर यात्रा के सातवें दल के 41 यात्रियों का मंगलवार को पर्यटक आवास गृह में स्वागत किया गया। बम भोले के जयकारों के साथ यात्रियों ने कुमाऊंनी लोक गीतों पर नृत्य किया, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।
संपर्क अधिकारी विजय कुमार मंत्री ने बताया कि दल में 24 पुरुष और 17 महिला यात्री शामिल हैं। यह दल देश के विभिन्न राज्यों से आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक आठ यात्री हैं। महाराष्ट्र के 68 वर्षीय उमा रत्नसे सबसे बुजुर्ग और दिल्ली के डॉ. रितिक ठाकुर सबसे युवा यात्री हैं। इंदौर के डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र ने कहा, पहली बार में ही भोले ने उनकी सुन ली और बुला लिया। टीआरसी प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि दल को बुधवार सुबह अगले पड़ाव के लिए रवाना किया जाएगा।
महिला यात्री बोलीं हम तो हर दिन सनातन ही जीवन जीते हैं
टनकपुर (चंपावत)। सातवें दल के कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल महिला यात्री शिव धाम को लेकर सनातन रंग में रंगी नजर आई। उनको सनातन की शक्ति और भाव ने एक सूत्र में बांध दिया और इतना अपनत्व कि बोली हम सब सनातनी हैं और सनातन जीवन को जीते हैं। हमारे घरों में संध्या पूजा से लेकर व्रत भी रखते हैं।
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अमरोहा उत्तर प्रदेश की यात्री शशिबाला बोलीं-उनके पति बलविंदर सिंह यात्रा में नहीं आ पाए, वह अकेले ही निकल पड़ी हैं। वह गृहिणी हैं और सनातन संस्कृति उनका प्राण है। वह चार धाम के साथ ही रामेश्वरम भी जा चुकी हैं। तेलंगाना की यात्री सुमलता इडापल्ली बोली वह शिक्षिका हैं। पहली बार शिव धाम जा रही हैं। इंदौर में डिग्री कॉलेज की प्राचार्य अनिता मिश्रा बोलीं वह वर्ष 2012 में चार धाम की यात्रा कर चुकी हैं। उनके पति और उनकी शिव धाम जाने का पहली बार में ही बुलावा आ गया। राजस्थान की कोमल गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष उनके पति योगेंद्र गोयल, पुत्र लव गोयल, पुत्री मुन्नी गोयल काठमांडू होकर कैलाश मानसरोवर यात्रा कर चुके हैं, वह तब नहीं जा पाई थी, इस बार अकेले चल पड़ी हूं। इंदौर की सुधा बोलीं तीन बार चार धाम की यात्रा कर चुकी हैं। वह अपने घर में प्रतिदिन की सनातन दिनचर्या का पालन करती हैं और सुबह से लेकर शाम की संध्या पूजा आदि तक होती है। अहमदाबाद गुजरात की मधुबेन ठाकुर बोलीं-चार धाम की यात्रा भी कर चुके हैं। अभी अमरनाथ यात्रा भी करके आए हैं।
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संपर्क अधिकारी विजय कुमार मंत्री ने बताया कि दल में 24 पुरुष और 17 महिला यात्री शामिल हैं। यह दल देश के विभिन्न राज्यों से आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक आठ यात्री हैं। महाराष्ट्र के 68 वर्षीय उमा रत्नसे सबसे बुजुर्ग और दिल्ली के डॉ. रितिक ठाकुर सबसे युवा यात्री हैं। इंदौर के डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र ने कहा, पहली बार में ही भोले ने उनकी सुन ली और बुला लिया। टीआरसी प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि दल को बुधवार सुबह अगले पड़ाव के लिए रवाना किया जाएगा।
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महिला यात्री बोलीं हम तो हर दिन सनातन ही जीवन जीते हैं
टनकपुर (चंपावत)। सातवें दल के कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल महिला यात्री शिव धाम को लेकर सनातन रंग में रंगी नजर आई। उनको सनातन की शक्ति और भाव ने एक सूत्र में बांध दिया और इतना अपनत्व कि बोली हम सब सनातनी हैं और सनातन जीवन को जीते हैं। हमारे घरों में संध्या पूजा से लेकर व्रत भी रखते हैं।
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अमरोहा उत्तर प्रदेश की यात्री शशिबाला बोलीं-उनके पति बलविंदर सिंह यात्रा में नहीं आ पाए, वह अकेले ही निकल पड़ी हैं। वह गृहिणी हैं और सनातन संस्कृति उनका प्राण है। वह चार धाम के साथ ही रामेश्वरम भी जा चुकी हैं। तेलंगाना की यात्री सुमलता इडापल्ली बोली वह शिक्षिका हैं। पहली बार शिव धाम जा रही हैं। इंदौर में डिग्री कॉलेज की प्राचार्य अनिता मिश्रा बोलीं वह वर्ष 2012 में चार धाम की यात्रा कर चुकी हैं। उनके पति और उनकी शिव धाम जाने का पहली बार में ही बुलावा आ गया। राजस्थान की कोमल गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष उनके पति योगेंद्र गोयल, पुत्र लव गोयल, पुत्री मुन्नी गोयल काठमांडू होकर कैलाश मानसरोवर यात्रा कर चुके हैं, वह तब नहीं जा पाई थी, इस बार अकेले चल पड़ी हूं। इंदौर की सुधा बोलीं तीन बार चार धाम की यात्रा कर चुकी हैं। वह अपने घर में प्रतिदिन की सनातन दिनचर्या का पालन करती हैं और सुबह से लेकर शाम की संध्या पूजा आदि तक होती है। अहमदाबाद गुजरात की मधुबेन ठाकुर बोलीं-चार धाम की यात्रा भी कर चुके हैं। अभी अमरनाथ यात्रा भी करके आए हैं।