डोली बनी सहारा: ढुगेंती गांव के लिए सड़क आज भी सपना, बीमार बुजुर्ग को दो किमी चढ़ाई पार कर पहुंचाया अस्पताल
पिथौरागढ़ जिले के ढुगेंती ग्राम सभा में सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को आज भी बीमारों और बुजुर्गों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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पिथौरागढ़ जिले के विकास खंड के ढुगेंती ग्राम सभा के कई तोक आज भी सड़क की सुविधा से वंचित हैं। यहां बीमार, बुजुर्गों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों की मजबूरी है। ऐसा ही हुआ एक बीमार बुजुर्ग के साथ। ग्रामीणों ने बुजुर्ग को डोली के सहारे दो किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। तब जाकर वह अस्पताल पहुंच सके।
सोमवार सुबह डौठा तोक निवासी 75 वर्षीय दान सिंह बोरा को दमा की शिकायत तेज हुई। सांस लेने में अत्यधिक परेशानी से दान सिंह चलने में असमर्थ थे। जानकारी मिलने पर गांव के युवा दान सिंह को डोली में बैठाकर करीब दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर सड़क तक पहुंचे। वहां से उन्हें वाहन से डीडीहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। तब जाकर उन्हें इलाज मिलना शुरू हुआ और उनकी जान बच सकी।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के कई तोक सड़क से नहीं जुड़े होने से आए दिन बीमारों और गर्भवतियों को वे लोग डोली के सहारे अस्पताल पहुंचा रहे हैं। उनकी तकलीफों का देखने वाला कोई नहीं। हर चुनाव में हमसे सड़क के वादे किए जाते हैं। चुनाव संपन्न होते ही सभी बातें भुला दी जाती हैं। बता दें कि तहसील मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर ढुंगेती ग्राम सभा के डौठा, तल्ला डौठा, दौला, उसेला, तल्ला ढुंगा आदि गांव आजादी के 78 और राज्य गठन के 26 साल बाद भी सड़क से नहीं जुड़ सके हैं।
ढुगेंती ग्राम सभा के करीब आधा दर्जन तोक सड़क से दो से तीन किलोमीटर दूर पड़ते हैं। यहां के ग्रामीण कई साल से सड़क की मांग कर रहे हैं, परंतु सरकार सुन नहीं रही। सदन में इन इलाकों को सड़क से जोड़ने का प्रस्ताव रखा जाएगा।-प्रीति बोरा, ज्येष्ठ ब्लाॅक प्रमुख, डीडीहाट