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Pithoragarh News: कुलागाड़ में बैली ब्रिज टूटा, चीन सीमा का संपर्क कटा
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कुलागाड़ के पास टूटे वैली ब्रिज पर सीढ़ी लगाकर उफनते गधेरे को पास करते लोग। संवाद
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धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में मानसूनी बारिश आफत बन गई है। बुधवार तड़के हुई भारी बारिश के बाद धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से करीब 70 मीटर स्पान का बैली ब्रिज टूटकर गधेरे में समा गया। पुल टूटने से चीन सीमा से लगे दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों का शेष दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया है। तीनों घाटियों के 12 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। हाईवे पर आवाजाही ठप होने से गुंजी पहुंचे मानसरोवर यात्रा के नौवें दल के यात्रियों की वापसी भी मुश्किल हो गई है।
धारचूला-तवाघाट हाईवे चीन सीमा के साथ ही आदि कैलाश, मानसरोवर यात्रा मार्ग और दारमा, व्यास व चौंदास घाटियों के दर्जनों गांवों को जोड़ता है। पुल टूटने से जुम्मा, स्याकुरी, खेला, खेत, गर्गुवा, जम्कू, सुवा, खीम, सोबला, सुमदुम, दर, बांगलिंग, पांगला, जयकोट, सिमखेत और जिप्ती समेत कई गांवों का संपर्क कट गया है।
प्रमुख सड़क के बंद होने से तीनों घाटियों में लोगों की आवाजाही के साथ ही राशन, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। स्थानीय लोगों के साथ सीमा पर तैनात एसएसबी, सेना और आईटीबीपी के जवानों की दिक्कत भी बढ़ गई है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में सड़क संपर्क बाधित होने से सुरक्षा बलों के लिए राशन और अन्य रसद पहुंचाना चुनौती बन गया है।
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जुम्मा निवासी नंदन सिंह धामी, गर्गुवा के चंचल धामी, सुमदुम के हरेंद्र दानू और फिलम के जयेंद्र फिरमाल ने कहा कि यदि जल्द हाईवे पर आवाजाही शुरू नहीं हुई तो ग्रामीणों, सेना के जवानों और मानसरोवर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक वैली ब्रिज तैयार करने में कम से कम एक सप्ताह लग सकता है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये आवाजाही शुरू कराना प्रशासन और बीआरओ के लिए बड़ी चुनौती है।
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मानसरोवर यात्रियों का गुंजी से लौटना मुश्किल
धारचूला। धारचूला-तवाघाट हाईवे मानसरोवर यात्रा का प्रमुख मार्ग है। मंगलवार को मानसरोवर यात्रा का नौवां दल यात्रा पूरी कर गुंजी पहुंचा था। बुधवार को यात्रियों को धारचूला लौटना था, लेकिन सुबह बैली ब्रिज टूटने से हाईवे बंद हो गया। इससे यात्री गुंजी से वापस नहीं लौट सके। अब उन्हें धारचूला पहुंचने के लिए पुल या वैकल्पिक मार्ग तैयार होने का इंतजार है। संवाद
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पूजा में पहुंचे सैकड़ों लोग, वापसी की चिंता
धारचूला। दारमा और व्यास घाटियों में स्थानीय लोगों की पारंपरिक पूजा चल रही है। इसमें शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग घाटियों में पहुंचे हैं। इसी बीच एकमात्र सड़क पर पुल टूटने से पूजा में शामिल लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को पूजा का समापन होना है। ऐसे में सड़क संपर्क बहाल नहीं होने पर लोगों के लिए धारचूला लौटना चुनौतीपूर्ण होगा। संवाद
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जान जोखिम में डालकर गधेरा पार कर रहे लोग
धारचूला। वैली ब्रिज टूटने के बाद आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोग जान जोखिम में डालकर गधेरा पार कर रहे हैं। राहगीर टूटे वैली ब्रिज पर सीढ़ी लगाकर उफनते गधेरे को पार करने को मजबूर हैं। तेज बहाव और लगातार बारिश के बीच यह रास्ता बेहद खतरनाक बना हुआ है और हादसे की आशंका बनी हुई है। इसी मार्ग से पूजा-पाठ के लिए गुंजी और कुटी जा रहे श्रद्धालु भी फंसे हुए हैं। संवाद
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दो साल पहले भी टूटा था वैली ब्रिज, 12 दिन बंद रहा था हाईवे
धारचूला। कुलागाड़ की पहाड़ी बीआरओ और तीनों घाटियों के लोगों की परेशानी लगातार बढ़ा रही है। वर्ष 2024 में भी पहाड़ी से भूस्खलन के बाद गिरे बोल्डरों से कुलागाड़ का बैली ब्रिज टूट गया था। तब 12 दिन तक हाईवे पर आवाजाही ठप रही थी। काफी प्रयास के बाद नया बैली ब्रिज तैयार कर यातायात सुचारू कराया गया था। अब दोबारा पुल टूटने से बीआरओ, प्रशासन और तीनों घाटियों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि बीआरओ और प्रशासन पुल बनने तक वैकल्पिक व्यवस्था से आवाजाही शुरू कराने की बात कह रहा है। संवाद
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विधायक ने जल्द बैली ब्रिज बनाने की मांग की
धारचूला। विधायक हरीश धामी ने कुलागाड़ में जल्द बैली ब्रिज बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि पुल टूटने से तीनों घाटियों के लोग फंस गए हैं और पूजा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए जल्द पुल तैयार कराने की मांग की।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द बैली ब्रिज बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाईवे बंद होने से तीनों घाटियों के लोग परेशान हैं। उन्होंने पुल तैयार होने तक बीआरओ को वैकल्पिक व्यवस्था कर आवाजाही शुरू कराने के निर्देश देने की मांग की।
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कोट-
भूस्खलन के कारण बोल्डर गिरने से बैली ब्रिज टूट गया है। बीआरओ के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। जल्द कुलागाड़ में छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैली ब्रिज के निर्माण का भी जल्द काम शुरू होगा। -आशीष जोशी, एसडीएम, धारचूला
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धारचूला-तवाघाट हाईवे चीन सीमा के साथ ही आदि कैलाश, मानसरोवर यात्रा मार्ग और दारमा, व्यास व चौंदास घाटियों के दर्जनों गांवों को जोड़ता है। पुल टूटने से जुम्मा, स्याकुरी, खेला, खेत, गर्गुवा, जम्कू, सुवा, खीम, सोबला, सुमदुम, दर, बांगलिंग, पांगला, जयकोट, सिमखेत और जिप्ती समेत कई गांवों का संपर्क कट गया है।
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प्रमुख सड़क के बंद होने से तीनों घाटियों में लोगों की आवाजाही के साथ ही राशन, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। स्थानीय लोगों के साथ सीमा पर तैनात एसएसबी, सेना और आईटीबीपी के जवानों की दिक्कत भी बढ़ गई है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में सड़क संपर्क बाधित होने से सुरक्षा बलों के लिए राशन और अन्य रसद पहुंचाना चुनौती बन गया है।
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जुम्मा निवासी नंदन सिंह धामी, गर्गुवा के चंचल धामी, सुमदुम के हरेंद्र दानू और फिलम के जयेंद्र फिरमाल ने कहा कि यदि जल्द हाईवे पर आवाजाही शुरू नहीं हुई तो ग्रामीणों, सेना के जवानों और मानसरोवर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक वैली ब्रिज तैयार करने में कम से कम एक सप्ताह लग सकता है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये आवाजाही शुरू कराना प्रशासन और बीआरओ के लिए बड़ी चुनौती है।
मानसरोवर यात्रियों का गुंजी से लौटना मुश्किल
धारचूला। धारचूला-तवाघाट हाईवे मानसरोवर यात्रा का प्रमुख मार्ग है। मंगलवार को मानसरोवर यात्रा का नौवां दल यात्रा पूरी कर गुंजी पहुंचा था। बुधवार को यात्रियों को धारचूला लौटना था, लेकिन सुबह बैली ब्रिज टूटने से हाईवे बंद हो गया। इससे यात्री गुंजी से वापस नहीं लौट सके। अब उन्हें धारचूला पहुंचने के लिए पुल या वैकल्पिक मार्ग तैयार होने का इंतजार है। संवाद
पूजा में पहुंचे सैकड़ों लोग, वापसी की चिंता
धारचूला। दारमा और व्यास घाटियों में स्थानीय लोगों की पारंपरिक पूजा चल रही है। इसमें शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग घाटियों में पहुंचे हैं। इसी बीच एकमात्र सड़क पर पुल टूटने से पूजा में शामिल लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को पूजा का समापन होना है। ऐसे में सड़क संपर्क बहाल नहीं होने पर लोगों के लिए धारचूला लौटना चुनौतीपूर्ण होगा। संवाद
जान जोखिम में डालकर गधेरा पार कर रहे लोग
धारचूला। वैली ब्रिज टूटने के बाद आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोग जान जोखिम में डालकर गधेरा पार कर रहे हैं। राहगीर टूटे वैली ब्रिज पर सीढ़ी लगाकर उफनते गधेरे को पार करने को मजबूर हैं। तेज बहाव और लगातार बारिश के बीच यह रास्ता बेहद खतरनाक बना हुआ है और हादसे की आशंका बनी हुई है। इसी मार्ग से पूजा-पाठ के लिए गुंजी और कुटी जा रहे श्रद्धालु भी फंसे हुए हैं। संवाद
दो साल पहले भी टूटा था वैली ब्रिज, 12 दिन बंद रहा था हाईवे
धारचूला। कुलागाड़ की पहाड़ी बीआरओ और तीनों घाटियों के लोगों की परेशानी लगातार बढ़ा रही है। वर्ष 2024 में भी पहाड़ी से भूस्खलन के बाद गिरे बोल्डरों से कुलागाड़ का बैली ब्रिज टूट गया था। तब 12 दिन तक हाईवे पर आवाजाही ठप रही थी। काफी प्रयास के बाद नया बैली ब्रिज तैयार कर यातायात सुचारू कराया गया था। अब दोबारा पुल टूटने से बीआरओ, प्रशासन और तीनों घाटियों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि बीआरओ और प्रशासन पुल बनने तक वैकल्पिक व्यवस्था से आवाजाही शुरू कराने की बात कह रहा है। संवाद
विधायक ने जल्द बैली ब्रिज बनाने की मांग की
धारचूला। विधायक हरीश धामी ने कुलागाड़ में जल्द बैली ब्रिज बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि पुल टूटने से तीनों घाटियों के लोग फंस गए हैं और पूजा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए जल्द पुल तैयार कराने की मांग की।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द बैली ब्रिज बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाईवे बंद होने से तीनों घाटियों के लोग परेशान हैं। उन्होंने पुल तैयार होने तक बीआरओ को वैकल्पिक व्यवस्था कर आवाजाही शुरू कराने के निर्देश देने की मांग की।
कोट-
भूस्खलन के कारण बोल्डर गिरने से बैली ब्रिज टूट गया है। बीआरओ के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। जल्द कुलागाड़ में छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैली ब्रिज के निर्माण का भी जल्द काम शुरू होगा। -आशीष जोशी, एसडीएम, धारचूला