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Pithoragarh News: बेली ब्रिज टूटने के बाद जान जोखिम में डालकर गधेरा पार कर रहे लोग
Wed, 19 Aug 2026 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:14 PM IST
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-कुलागाड़ के पास टूटे वैली ब्रिज पर सीढ़ी लगाकर उफनते गधेरे को पास करते लोग।
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धारचूला। बेली ब्रिज टूटने के बाद आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोग जान जोखिम में डालकर गधेरा पार कर रहे हैं। राहगीर टूटे बेली ब्रिज पर सीढ़ी लगाकर उफनते गधेरे को पार करने के लिए मजबूर हैं। तेज बहाव और लगातार बारिश के बीच यह रास्ता बेहद खतरनाक बना हुआ है और हादसे की आशंका बनी हुई है। इसी मार्ग से पूजा-पाठ के लिए गुंजी और कुटी जा रहे श्रद्धालु भी फंसे हुए हैं। ं
जुम्मा निवासी नंदन सिंह धामी, गर्गुवा के चंचल धामी, सुमदुम के हरेंद्र दानू और फिलम के जयेंद्र फिरमाल ने कहा कि यदि जल्द हाईवे पर आवाजाही शुरू नहीं हुई तो ग्रामीणों, सेना के जवानों और मानसरोवर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक वैली ब्रिज तैयार करने में कम से कम एक सप्ताह लग सकता है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये आवाजाही शुरू कराना प्रशासन और बीआरओ के लिए बड़ी चुनौती है। संवाद
दो साल पहले भी टूटा था बेली ब्रिज, 12 दिन बंद रहा था हाईवे
धारचूला। कुलागाड़ की पहाड़ी बीआरओ और तीनों घाटियों के लोगों की परेशानी लगातार बढ़ा रही है।
वर्ष 2024 में भी पहाड़ी से भूस्खलन के बाद गिरे बोल्डरों से कुलागाड़ का बेली ब्रिज टूट गया था। तब 12 दिन तक हाईवे पर आवाजाही ठप रही थी। काफी प्रयास के बाद नया बैली ब्रिज तैयार कर यातायात सुचारू कराया गया था। अब दोबारा पुल टूटने से बीआरओ, प्रशासन और तीनों घाटियों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि बीआरओ और प्रशासन पुल बनने तक वैकल्पिक व्यवस्था से आवाजाही शुरू कराने की बात कह रहा है। संवाद
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विधायक ने जल्द बेली ब्रिज बनाने की मांग की
धारचूला। विधायक हरीश धामी ने कुलागाड़ में जल्द बेली ब्रिज बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि पुल टूटने से तीनों घाटियों के लोग फंस गए हैं। पूजा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए जल्द पुल तैयार कराने की मांग की। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द बेली ब्रिज बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाईवे बंद होने से तीनों घाटियों के लोग परेशान हैं। उन्होंने पुल तैयार होने तक बीआरओ को वैकल्पिक व्यवस्था कर आवाजाही शुरू कराने के निर्देश देने की मांग की।
मानसरोवर यात्रियों का गुंजी से लौटना मुश्किल
धारचूला। धारचूला-तवाघाट हाईवे मानसरोवर यात्रा का प्रमुख मार्ग है। मंगलवार को मानसरोवर यात्रा का नौवां दल यात्रा पूरी कर गुंजी पहुंचा था। बुधवार को यात्रियों को धारचूला लौटना था, लेकिन सुबह बैली ब्रिज टूटने से हाईवे बंद हो गया। इससे यात्री गुंजी से वापस नहीं लौट सके। अब उन्हें धारचूला पहुंचने के लिए पुल या वैकल्पिक मार्ग तैयार होने का इंतजार है।
पूजा में पहुंचे सैकड़ों लोग, वापसी की चिंता
धारचूला। दारमा और व्यास घाटियों में स्थानीय लोगों की पारंपरिक पूजा चल रही है। इसमें शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग घाटियों में पहुंचे हैं। इसी बीच एकमात्र सड़क पर पुल टूटने से पूजा में शामिल लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को पूजा का समापन होना है। ऐसे में सड़क संपर्क बहाल नहीं होने पर लोगों के लिए धारचूला लौटना चुनौतीपूर्ण होगा।
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जुम्मा निवासी नंदन सिंह धामी, गर्गुवा के चंचल धामी, सुमदुम के हरेंद्र दानू और फिलम के जयेंद्र फिरमाल ने कहा कि यदि जल्द हाईवे पर आवाजाही शुरू नहीं हुई तो ग्रामीणों, सेना के जवानों और मानसरोवर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक वैली ब्रिज तैयार करने में कम से कम एक सप्ताह लग सकता है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये आवाजाही शुरू कराना प्रशासन और बीआरओ के लिए बड़ी चुनौती है। संवाद
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दो साल पहले भी टूटा था बेली ब्रिज, 12 दिन बंद रहा था हाईवे
धारचूला। कुलागाड़ की पहाड़ी बीआरओ और तीनों घाटियों के लोगों की परेशानी लगातार बढ़ा रही है।
वर्ष 2024 में भी पहाड़ी से भूस्खलन के बाद गिरे बोल्डरों से कुलागाड़ का बेली ब्रिज टूट गया था। तब 12 दिन तक हाईवे पर आवाजाही ठप रही थी। काफी प्रयास के बाद नया बैली ब्रिज तैयार कर यातायात सुचारू कराया गया था। अब दोबारा पुल टूटने से बीआरओ, प्रशासन और तीनों घाटियों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि बीआरओ और प्रशासन पुल बनने तक वैकल्पिक व्यवस्था से आवाजाही शुरू कराने की बात कह रहा है। संवाद
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विधायक ने जल्द बेली ब्रिज बनाने की मांग की
धारचूला। विधायक हरीश धामी ने कुलागाड़ में जल्द बेली ब्रिज बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि पुल टूटने से तीनों घाटियों के लोग फंस गए हैं। पूजा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए जल्द पुल तैयार कराने की मांग की। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द बेली ब्रिज बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाईवे बंद होने से तीनों घाटियों के लोग परेशान हैं। उन्होंने पुल तैयार होने तक बीआरओ को वैकल्पिक व्यवस्था कर आवाजाही शुरू कराने के निर्देश देने की मांग की।
मानसरोवर यात्रियों का गुंजी से लौटना मुश्किल
धारचूला। धारचूला-तवाघाट हाईवे मानसरोवर यात्रा का प्रमुख मार्ग है। मंगलवार को मानसरोवर यात्रा का नौवां दल यात्रा पूरी कर गुंजी पहुंचा था। बुधवार को यात्रियों को धारचूला लौटना था, लेकिन सुबह बैली ब्रिज टूटने से हाईवे बंद हो गया। इससे यात्री गुंजी से वापस नहीं लौट सके। अब उन्हें धारचूला पहुंचने के लिए पुल या वैकल्पिक मार्ग तैयार होने का इंतजार है।
पूजा में पहुंचे सैकड़ों लोग, वापसी की चिंता
धारचूला। दारमा और व्यास घाटियों में स्थानीय लोगों की पारंपरिक पूजा चल रही है। इसमें शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग घाटियों में पहुंचे हैं। इसी बीच एकमात्र सड़क पर पुल टूटने से पूजा में शामिल लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को पूजा का समापन होना है। ऐसे में सड़क संपर्क बहाल नहीं होने पर लोगों के लिए धारचूला लौटना चुनौतीपूर्ण होगा।
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