सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Budget crunch for medical college, how will it start operations this year

Pithoragarh News: मेडिकल कॉलेज के लिए बजट की कमी, कैसे होगा इस साल संचालन शुरू

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Wed, 28 Jan 2026 05:10 PM IST
विज्ञापन
सार

पिथौरागढ़ में इसी साल मेडिकल कॉलेज के संचालन के दावों के बीच निर्माण कार्य के लिए धन की कमी और फैकल्टी व्यवस्था विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Budget crunch for medical college, how will it start operations this year
पिथौरागढ़ के चंडाक, मोस्टमानू में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

पिथौरागढ़ में इसी साल संचालन के दावों के बीच मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए धन की भारी कमी है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य शुरू होने के दो साल बाद भी कार्यदायी संस्था को करीब 50 फीसदी ही धन मिला है।

Trending Videos

768 करोड़ रुपये से बनने वाले मेडिकल कॉलेज के लिए अब तक 410 करोड़ रुपये मिलने से 71 फीसदी काम हो सका है। इसी साल मेडिकल कॉलेज में पहले बैच की पढ़ाई शुरू होनी है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही मेडिकल कॉलेज में जरूरी सुविधाएं और व्यवस्थाएं उपलब्ध कराते हुए एमसीआई की अनुमति के लिए जरूरी मानक पूरे करने होंगे। धन की कमी से समय पर निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही मानक पूरे करना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

पहले बैच के लिए भवन निर्माण पर फोकस करना मजबूरी

सरकार से धन न मिलने से चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए समय पर मेडिकल कॉलेज को अस्तित्व में लाना चुनौती बना है। वहीं विभाग पर इस साल हर हाल में मेडिकल कॉलेज के संचालन का भी दबाव है। ऐसे में विभाग अब इन दावों को सही साबित करने के लिए सिर्फ पहले बैच के लिए भवन निर्माण के साथ ही अन्य सुविधाओं के विस्तार पर फोकस कर रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, पहले बैच की पढ़ाई शुरू हुई तो भविष्य में दूसरे बैच के लिए भवन और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध करा ही लिया जाएगा।


सितंबर में हो जाएगा पहला बैच शुरू, कहां से आएगी फैकल्टी

मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू होते ही इसके लिए फैकल्टी की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। समय से पहले ही फैकल्टी की तैनाती कर इसे विशेषज्ञों के रूप में मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बेस अस्पताल में तैनात करने की योजना थी। दो साल में आठ से अधिक साक्षात्कार कराने के बाद भी मेडिकल कॉलेज को हड्डी रोग विभाग में सिर्फ एक असिस्टेंट प्रोफेसर मिला है जबकि यहां बाल, महिला, एनॉटामी सहित अन्य विभागों में 175 फैकल्टी की जरूरत है। सितंबर में पहला बैच शुरू होगा। ऐसे में अगले सात महीने में फैकल्टी की व्यवस्था कैसे होगी, यह विभाग के लिए भी चिंता का विषय बना है। समय पर फैकल्टी की तैनाती नहीं हुई तो एमसीआई से मान्यता हासिल करना भी चुनौती बन सकता है।

जिला और महिला अस्पताल के भरोसे किए जा रहे हैं मानक पूरे

मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से मान्यता के लिए 450 बेड का अस्पताल जरूरी है। अब तक मेडिकल कॉलेज में यह अस्पताल अस्तित्व में नहीं आ सका है। ऐसे में अब बेस अस्पताल के साथ ही जिला और महिला अस्पताल को मर्ज कर एमसीआई की मान्यता हासिल करने के लिए जोर लगाया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए अब तक 410.63 करोड़ का बजट मिला है। समय-समय पर शासन से बजट मिल रहा है। तय समय पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा करने के साथ ही इसका संचालन शुरू किया जाएगा। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed