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Pithoragarh News: लंबी पैदल यात्रा कर माता कोकिला कनार देवी के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु
Sun, 18 Oct 2026 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:42 PM IST
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी क्षेत्र में शारदीय नवरात्र के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता कोकिला कनार देवी के मंदिर में अष्टमी पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धा के आगे दूरी का कोई महत्व नहीं रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु 16 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर माता के मंदिर पहुंचे।
क्षेत्र में आलम-दारमा, शिलिंग-खर्तोली, कोटा-पंद्रहपाला आदि गांवों में कलशयात्रा और शोभायात्रा निकाली गई। कलश लेकर महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा में शामिल हुईं। शोभायात्रा के साथ गांवों से माता की मूर्तियों और कलशों को मंदिर तक पहुंचाया गया। यात्रा के दौरान ढोल-दमाऊं की धुन और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष यहां दूर-दराज से श्रद्धालु कोकिला कनार देवी के दर्शन के लिए आते हैं। अष्टमी के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। मंदिर व्यवस्थापन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, विश्राम के इंतजाम किए हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई है ताकि यात्रा और पूजा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
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क्षेत्र में आलम-दारमा, शिलिंग-खर्तोली, कोटा-पंद्रहपाला आदि गांवों में कलशयात्रा और शोभायात्रा निकाली गई। कलश लेकर महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा में शामिल हुईं। शोभायात्रा के साथ गांवों से माता की मूर्तियों और कलशों को मंदिर तक पहुंचाया गया। यात्रा के दौरान ढोल-दमाऊं की धुन और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष यहां दूर-दराज से श्रद्धालु कोकिला कनार देवी के दर्शन के लिए आते हैं। अष्टमी के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। मंदिर व्यवस्थापन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, विश्राम के इंतजाम किए हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई है ताकि यात्रा और पूजा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
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