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Pithoragarh News: चैत्र नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गूंजे मां के जयकारे
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:35 PM IST
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पिथौरागढ़/गंगोलीहाट। नव संवत्सर और चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन सीमांत जनपद के शिवालयों और शक्तिपीठों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां शैलपुत्री के जयकारों के साथ समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। सुबह की हल्की बारिश और ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और लोगों ने लंबी कतारों में लगकर अपनी आराध्या के दर्शन किए।
जिला मुख्यालय के कई घरों में पंडितों ने नव संवत्सर का बखान किया। घरों में नौ दिन का उपवास कर रहे श्रद्धालुओं ने सुबह कलश, ध्वज स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की।
नगर के मां उल्का देवी, कामाख्या, गुरना स्थित पाषाण देवी, चंडिका मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। गंगोलीहाट स्थित मां कालिका मंदिर में सुबह से ही दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। मंदिर परिसर में दिन भर मैया के जयकारे गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने पहले दिन नवरात्र पर घरों में हरेला बोया। इससे अंकुरित पौधों को हरेला कहा जाता है। दसवें दिन इसे मां को अर्पित करने के साथ ही खुशहाली के लिए आशीर्वाद के रूप में घर के बूढ़े-बुजुर्ग इससे परिजनों का सिर पूजन करते हैं। हरेला हरियाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
श्रद्धालुओं ने किए मां कोटगाड़ी के दर्शन
थल। नवरात्र के पहले दिन पांखू स्थित कोटगाड़ी भगवती माता के दर्शन के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर माता के दरबार में माथा टेक शक्ति पीठ के दर्शन किए। मुख्य पुरोहित जीवन चंद्र पाठक ने सुबह पंचामृत से माता को पंच स्नान कराया और रुद्राभिषेक के बाद पूजा संपन्न कर दर्शन के लिए द्वार खोले। इस दौरान श्रद्धालुओं के पाठ भी संपन्न कराए गए। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष गोविंद पाठक व्यवस्था में जुटे रहे। मंदिर समिति की ओर से नवरात्र पर्व पर भक्तों के लिए रोज नौ दिन तक भंडारा भी लगाया जा रहा है। दुर्गाष्टमी पर्व पर मंदिर में भव्य मेला लगेगा। संवाद
पवन उड़ा कर ले गई रे मैया की चुनरिया...
पिथौरागढ़ नगर के लिंक रोड स्थित शास्त्री देवेंद्र जोशी के आवास पर भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। महिलाओं ने अंबे तू है जगदंबे काली... और पवन उड़ा कर ले गई रे मैया की चुनरिया... जैसे भजनों पर जमकर नृत्य किया। इस मौके पर किरन जोशी, कमला अधिकारी, तनुजा जोशी, सुनीता अवस्थी, लता, बबीता पांडे, गीता जोशी, बसंती जोशी, चंद्रा जोशी आदि रहीं।
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नगर के मां उल्का देवी, कामाख्या, गुरना स्थित पाषाण देवी, चंडिका मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। गंगोलीहाट स्थित मां कालिका मंदिर में सुबह से ही दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। मंदिर परिसर में दिन भर मैया के जयकारे गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने पहले दिन नवरात्र पर घरों में हरेला बोया। इससे अंकुरित पौधों को हरेला कहा जाता है। दसवें दिन इसे मां को अर्पित करने के साथ ही खुशहाली के लिए आशीर्वाद के रूप में घर के बूढ़े-बुजुर्ग इससे परिजनों का सिर पूजन करते हैं। हरेला हरियाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
श्रद्धालुओं ने किए मां कोटगाड़ी के दर्शन
थल। नवरात्र के पहले दिन पांखू स्थित कोटगाड़ी भगवती माता के दर्शन के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर माता के दरबार में माथा टेक शक्ति पीठ के दर्शन किए। मुख्य पुरोहित जीवन चंद्र पाठक ने सुबह पंचामृत से माता को पंच स्नान कराया और रुद्राभिषेक के बाद पूजा संपन्न कर दर्शन के लिए द्वार खोले। इस दौरान श्रद्धालुओं के पाठ भी संपन्न कराए गए। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष गोविंद पाठक व्यवस्था में जुटे रहे। मंदिर समिति की ओर से नवरात्र पर्व पर भक्तों के लिए रोज नौ दिन तक भंडारा भी लगाया जा रहा है। दुर्गाष्टमी पर्व पर मंदिर में भव्य मेला लगेगा। संवाद
पवन उड़ा कर ले गई रे मैया की चुनरिया...
पिथौरागढ़ नगर के लिंक रोड स्थित शास्त्री देवेंद्र जोशी के आवास पर भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। महिलाओं ने अंबे तू है जगदंबे काली... और पवन उड़ा कर ले गई रे मैया की चुनरिया... जैसे भजनों पर जमकर नृत्य किया। इस मौके पर किरन जोशी, कमला अधिकारी, तनुजा जोशी, सुनीता अवस्थी, लता, बबीता पांडे, गीता जोशी, बसंती जोशी, चंद्रा जोशी आदि रहीं।