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Pithoragarh News: महिला अस्पताल में निजी विशेषज्ञ ने निशुल्क किए 70 सिजेरियन
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:59 PM IST
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पिथौरागढ़। आज के दौर में जहां मरीजों का महंगा इलाज डॉक्टरों पेशा बनकर रह गया है वहीं कई डॉक्टर इसे जनसेवा समझकर निस्वार्थ भाव से लोगों को राहत पहुंचा रहे हैं। सीमांत जिले में ऐसी ही महिला रोग विशेषज्ञ हैं जिन्होंने सरकारी अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के बीच गर्भवतियों की जान बचाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया है।
सीमांत जिले में वर्तमान में किसी भी सरकारी अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। बीते अक्तूबर में महिला अस्पताल में तैनात एकमात्र महिला रोग विशेषज्ञ मेटरनिटी लीव पर चली गईं तो जिला विशेषज्ञ विहीन हो गया। ऐसे में प्रसव कराने मुश्किल हो गए तो। सिजेरियन ऑपरेशन पर पूरी तरह ब्रेक लग गया। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की यह बदहाली गर्भवतियों के साथ ही जच्चा-बच्चा पर भारी पड़ने लगी तो स्वास्थ्य विभाग ने नगर में संचालित निजी अस्पताल में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ से सेवा देने के लिए अनुरोध किया।
सीमांत जिले की गर्भवतियों के दर्द से भली-भांति वाकिफ डॉ. कृति बिष्ट ने इस अनुरोध को सहर्ष स्वीकार करते हुए अन्य विशेषज्ञ के लौटने तक निशुल्क सेवा देने का फैसला लिया। अक्तूबर से अब तक डॉ. कृति 70 से अधिक सिजेरियन ऑपरेशन कर जच्चा-बच्चा की जान बचा चुकी हैं। उन्होंने निशुल्क सेवा देकर सभी सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए सीमांत की गर्भवतियों को राहत पहुंचाई है। यही नहीं उन्होंने सेवा के बदले मेहनताना देने के स्वास्थ्य विभाग के फैसले को भी ठुकराया है।
रात के एक बजे भी कर रही हैं सिजेरियन
जिले के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में प्रसव की सुविधा होने के बाद भी गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर कर औपचारिकता निभाई जा रही है। ऐसे में अधिकांश गर्भवतियां प्रसव के लिए महिला अस्पताल पहुंचती हैं। हर महीने औसतन यहां 50 से अधिक प्रसव होते हैं। इनमें से करीब 15 गर्भवतियों को सिजेरियन ऑपरेशन की जरूरत होती है। डॉ. कृति सिजेरियन ऑपरेशन कर जच्चा-बच्चा की जान बचाने के लिए हर समय तैयार रहती हैं। रात के एक बजे भी वह सिजेरियन ऑपरेशन करने के लिए बिना देर किए ही घर से दौड़कर महिला अस्पताल पहुंच रही हैं।
महिला रोग विशेषज्ञ का भी कराया सुरक्षित प्रसव
महिला अस्पताल में तैनात स्थायी महिला रोग विशेषज्ञ बीते अक्तूबर में मेटरनिटी लीव पर चली गईं। डॉ. कृति ने उनकी जगह महिला अस्पताल में निशुल्क सेवा देने का फैसला लेते हुए संबंधित महिला रोग विशेषज्ञ का भी सुरक्षित प्रसव कराया।
कोट
महिला अस्पताल की विशेषज्ञ के मेटरनिटी लीव पर जाने से निजी विशेषज्ञ से सेवा का अनुरोध किया गया था। तब से वह महिला अस्पताल में अपनी सेवा दे रही हैं। उनकी फीस के लिए निदेशालय से पत्राचार किया गया है। हालांकि संबंधित विशेषज्ञ फीस लेने से मना कर रही हैं। - डॉ.भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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सीमांत जिले की गर्भवतियों के दर्द से भली-भांति वाकिफ डॉ. कृति बिष्ट ने इस अनुरोध को सहर्ष स्वीकार करते हुए अन्य विशेषज्ञ के लौटने तक निशुल्क सेवा देने का फैसला लिया। अक्तूबर से अब तक डॉ. कृति 70 से अधिक सिजेरियन ऑपरेशन कर जच्चा-बच्चा की जान बचा चुकी हैं। उन्होंने निशुल्क सेवा देकर सभी सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए सीमांत की गर्भवतियों को राहत पहुंचाई है। यही नहीं उन्होंने सेवा के बदले मेहनताना देने के स्वास्थ्य विभाग के फैसले को भी ठुकराया है।
रात के एक बजे भी कर रही हैं सिजेरियन
जिले के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में प्रसव की सुविधा होने के बाद भी गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर कर औपचारिकता निभाई जा रही है। ऐसे में अधिकांश गर्भवतियां प्रसव के लिए महिला अस्पताल पहुंचती हैं। हर महीने औसतन यहां 50 से अधिक प्रसव होते हैं। इनमें से करीब 15 गर्भवतियों को सिजेरियन ऑपरेशन की जरूरत होती है। डॉ. कृति सिजेरियन ऑपरेशन कर जच्चा-बच्चा की जान बचाने के लिए हर समय तैयार रहती हैं। रात के एक बजे भी वह सिजेरियन ऑपरेशन करने के लिए बिना देर किए ही घर से दौड़कर महिला अस्पताल पहुंच रही हैं।
महिला रोग विशेषज्ञ का भी कराया सुरक्षित प्रसव
महिला अस्पताल में तैनात स्थायी महिला रोग विशेषज्ञ बीते अक्तूबर में मेटरनिटी लीव पर चली गईं। डॉ. कृति ने उनकी जगह महिला अस्पताल में निशुल्क सेवा देने का फैसला लेते हुए संबंधित महिला रोग विशेषज्ञ का भी सुरक्षित प्रसव कराया।
कोट
महिला अस्पताल की विशेषज्ञ के मेटरनिटी लीव पर जाने से निजी विशेषज्ञ से सेवा का अनुरोध किया गया था। तब से वह महिला अस्पताल में अपनी सेवा दे रही हैं। उनकी फीस के लिए निदेशालय से पत्राचार किया गया है। हालांकि संबंधित विशेषज्ञ फीस लेने से मना कर रही हैं। - डॉ.भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़