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Pithoragarh News: मांग के सापेक्ष आपूर्ति कम होने से रसोई गैस की किल्लत
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़ में टकाना में सिलिंडर के इंतजार में लाइन में लगे उपभोक्ता। संवाद
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में रसोई गैस का संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। बुकिंग के सापेक्ष आपूर्ति कम होने से उपभोक्ताओं को रसोई गैस मिलनी मुश्किल हो रही है। पर्याप्त आपूर्ति न होने से एजेंसी भी सीमित मात्रा में रसोई गैस बांट रही है इससे कई उपभोक्ता खाली सिलिंडर लेकर घर लौटने के लिए मजबूर हैं।
सीमांत जिले में पूर्व में हर रोज डिपो से आठ से 12 रसोई गैस के वाहन पहुंचते थे। डिपो से हर रोज 1872 से 2808 सिलिंडर की आपूर्ति हो रही थी। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उपजे हालातों के बाद रसोई गैस की बुकिंग अचानक बढ़ी तो सीमांत जिले में इसकी किल्लत हुई है। आपूर्ति के सापेक्ष एक से दोगुना अधिक बुकिंग होने से पूर्ति विभाग और एजेंसियों के लिए हर उपभोक्ता को सिलिंडर देना संभव नहीं हो रहा है। शनिवार को ऐसा ही हुआ। नगर के टकाना, लिंक रोड, ऐंचोली, घंटाकरण सहित अन्य स्पॉट में उपभोक्ता खाली सिलिंडरों के साथ सुबह से ही लाइन में लगे रहे।
घंटों बाद बमुश्किल यहां रसोई गैस के वाहन तो पहुंचे लेकिन सीमित मात्रा में सिलिंडर बांटे गए। टकाना में 120 बुकिंग के सापेक्ष सिर्फ 60 उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिले। यही हाल अन्य स्पॉट पर भी रहा। सिलिंडर न मिलने से उपभोक्ताओं ने आक्रोश भी जताया इससे स्पॉट पर गहमागहमी का माहौल रहा। एजेंसी कर्मियों ने शासन से मिले निर्देशों का हवाला देकर जल्दबाजी में सीमित सिलिंडर बांटे और वहां से चलते बने। बुकिंग के सापेक्ष रसोई गैस न मिलने से कई उपभोक्ता खाली सिलिंडर लेकर घर लौटने के लिए मजबूर हुए।
मुनस्यारी में सात दिन बाद भी नहीं पहुंची रसोई गैस
पर्यटन नगरी मुनस्यारी में एक सप्ताह बाद भी रसोई गैस की आपूर्ति न होने से उपभोक्ता परेशान हैं। हालात यह है कि रसोई गैस खत्म होने से उपभोक्ता कड़ाके की ठंड में जंगल से लकड़ी लाकर खाना बनाने के लिए मजबूर हैं। कामर्शियल सिलिंडर न मिलने से कई होटलों में खाना बनना बंद हो गया है इससे कारोबारी परेशान हैं।
नहीं मिली अतिरिक्त रसोई गैस
पूर्ति विभाग ने सीमांत जिले में रसोई गैस संकट दूर करने के लिए डिपो से रसोई गैस के सात अतिरिक्त वाहनों की मांग की थी। उम्मीद थी कि अतिरिक्त रसोई गैस मिलने से बुकिंग के सापेक्ष सिलिंडरों की आपूर्ति होगी और संकट दूर होगा। पूर्ति विभाग के साथ ही उपभोक्ताओं की यह उम्मीद दम तोड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक शासन से अतिरिक्त सिलिंडर न भेजने के निर्देश डिपो को जारी हुए हैं। ऐसे में डिपो ने भी अपने हाथ पीछे खींचे हैं।
कोट
उपभोक्ताओं ने रसोई गैस की काफी अधिक बुकिंग की है। पूर्व की तरह आपूर्ति होने के बाद भी रसोई गैस की खपत बढ़ गई है। ऐसे में सीमित संख्या में स्पॉट पर सिलिंडर बांटे जा रहे हैं ताकि हर जरूरतमंद उपभोक्ता को रसोई गैस मिल सके। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़
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सीमांत जिले में पूर्व में हर रोज डिपो से आठ से 12 रसोई गैस के वाहन पहुंचते थे। डिपो से हर रोज 1872 से 2808 सिलिंडर की आपूर्ति हो रही थी। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उपजे हालातों के बाद रसोई गैस की बुकिंग अचानक बढ़ी तो सीमांत जिले में इसकी किल्लत हुई है। आपूर्ति के सापेक्ष एक से दोगुना अधिक बुकिंग होने से पूर्ति विभाग और एजेंसियों के लिए हर उपभोक्ता को सिलिंडर देना संभव नहीं हो रहा है। शनिवार को ऐसा ही हुआ। नगर के टकाना, लिंक रोड, ऐंचोली, घंटाकरण सहित अन्य स्पॉट में उपभोक्ता खाली सिलिंडरों के साथ सुबह से ही लाइन में लगे रहे।
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घंटों बाद बमुश्किल यहां रसोई गैस के वाहन तो पहुंचे लेकिन सीमित मात्रा में सिलिंडर बांटे गए। टकाना में 120 बुकिंग के सापेक्ष सिर्फ 60 उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिले। यही हाल अन्य स्पॉट पर भी रहा। सिलिंडर न मिलने से उपभोक्ताओं ने आक्रोश भी जताया इससे स्पॉट पर गहमागहमी का माहौल रहा। एजेंसी कर्मियों ने शासन से मिले निर्देशों का हवाला देकर जल्दबाजी में सीमित सिलिंडर बांटे और वहां से चलते बने। बुकिंग के सापेक्ष रसोई गैस न मिलने से कई उपभोक्ता खाली सिलिंडर लेकर घर लौटने के लिए मजबूर हुए।
मुनस्यारी में सात दिन बाद भी नहीं पहुंची रसोई गैस
पर्यटन नगरी मुनस्यारी में एक सप्ताह बाद भी रसोई गैस की आपूर्ति न होने से उपभोक्ता परेशान हैं। हालात यह है कि रसोई गैस खत्म होने से उपभोक्ता कड़ाके की ठंड में जंगल से लकड़ी लाकर खाना बनाने के लिए मजबूर हैं। कामर्शियल सिलिंडर न मिलने से कई होटलों में खाना बनना बंद हो गया है इससे कारोबारी परेशान हैं।
नहीं मिली अतिरिक्त रसोई गैस
पूर्ति विभाग ने सीमांत जिले में रसोई गैस संकट दूर करने के लिए डिपो से रसोई गैस के सात अतिरिक्त वाहनों की मांग की थी। उम्मीद थी कि अतिरिक्त रसोई गैस मिलने से बुकिंग के सापेक्ष सिलिंडरों की आपूर्ति होगी और संकट दूर होगा। पूर्ति विभाग के साथ ही उपभोक्ताओं की यह उम्मीद दम तोड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक शासन से अतिरिक्त सिलिंडर न भेजने के निर्देश डिपो को जारी हुए हैं। ऐसे में डिपो ने भी अपने हाथ पीछे खींचे हैं।
कोट
उपभोक्ताओं ने रसोई गैस की काफी अधिक बुकिंग की है। पूर्व की तरह आपूर्ति होने के बाद भी रसोई गैस की खपत बढ़ गई है। ऐसे में सीमित संख्या में स्पॉट पर सिलिंडर बांटे जा रहे हैं ताकि हर जरूरतमंद उपभोक्ता को रसोई गैस मिल सके। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़