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Pithoragarh News: चीन को हर दूसरे दिन भेज रहे हैं संदेश, नहीं मिल रहा है जवाब
Mon, 17 Aug 2026 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:02 PM IST
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पिथौरागढ़। भारत-चीन व्यापार के लिए भारतीय व्यापारियों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। व्यापारियों के दूसरे दल को सामान सहित भेजने के लिए भारतीय प्रशासन हर दूसरे दिन चीन को संदेश भेज रहा है लेकिन जवाब नहीं मिल रहा है। ऐसे में भारतीय प्रशासन के साथ तकलाकोट मंडी जाने का इंतजार कर रहे व्यापारी हैरान भी हैं और परेशान भी।
छह साल बाद बमुश्किल शुरू हुए भारत-चीन व्यापार के लिए बीते एक अगस्त को चीन से अनुमति मिलने पर सिर्फ 16 व्यापारी तकलाकोट मंडी रवाना हुए। चीन ने साफ तौर पर कहा कि व्यापारियों को बगैर सामान के साथ मंडी पहुंचकर वर्ष 2019 से पड़े सामान के साथ व्यापार करना होगा। ऐसे में ट्रेड पास बनाकर तकलाकोट जाने की तैयारी कर चुके 46 व्यापारियों को निराश होना पड़ा।
ट्रेड अधिकारी धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि तब से लेकर भारतीय प्रशासन हर दूसरे दिन व्यापारियों के दूसरे दल को तकलाकोट भेजने पर उचित निर्णय लेने के चीन प्रशासन को ईमेल भेज रहा है लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि तकलाकोट व्यवस्था परखने गए पहले दल के व्यापारियों से संपर्क करना भी मुश्किल हो रहा है। वहां से व्यापारी 10 या 12 दिन बाद किसी तरह वॉट्सएप कॉल कर संपर्क कर रहे हैं। तकलाकोट गए व्यापारियों ने सूचना दी है कि वे भी दूसरे दल को अनुमति देने के लिए चीन प्रशासन से बात कर रहे हैं लेकिन फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में अन्य व्यापारियों का व्यापार के लिए तकलाकोट जाने का इंतजार कब खत्म होगा इसका किसी को पता नहीं है।
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इस बार के नियम पड़ रहे हैं भारी
ट्रेड अधिकारी आशीष जोशी ने कहा कि यह पहली बार है जब चीन प्रशासन ने व्यापार को लेकर नए नियम जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व तक ट्रेड पास हासिल करने वाले व्यापारी चीन की अनुमति मिलने के बाद अपनी मर्जी से सामान ले जा सकते थे। इस बार चीन ने बगैर सामान के ही व्यापारियों को तकलाकोट आने की अनुमति दी है। ऐसे में नए नियम व्यापारियों पर भारी पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में विदेश मंत्रालय से भी लगातार वार्ता की जा रही है।
व्यापारियों को हुई हैं दुकानें आवंटित
ट्रेड अधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि तकलाकोट गए व्यापारी वाई-फाई के जरिए वॉट्सएप से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि उन्हें नई मंडी में बड़े-बड़े कक्षों के रूप में दुकानें आवंटित हुई हैं। वे इन दुकानों में पार्टिशन कर रहे हैं। इसके बाद पहले से रखा सामान बेचेंगे। चीन प्रशासन की अनुमति के बाद ही व्यापारी नया सामान ले जा सकेंगे।
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छह साल बाद बमुश्किल शुरू हुए भारत-चीन व्यापार के लिए बीते एक अगस्त को चीन से अनुमति मिलने पर सिर्फ 16 व्यापारी तकलाकोट मंडी रवाना हुए। चीन ने साफ तौर पर कहा कि व्यापारियों को बगैर सामान के साथ मंडी पहुंचकर वर्ष 2019 से पड़े सामान के साथ व्यापार करना होगा। ऐसे में ट्रेड पास बनाकर तकलाकोट जाने की तैयारी कर चुके 46 व्यापारियों को निराश होना पड़ा।
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ट्रेड अधिकारी धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि तब से लेकर भारतीय प्रशासन हर दूसरे दिन व्यापारियों के दूसरे दल को तकलाकोट भेजने पर उचित निर्णय लेने के चीन प्रशासन को ईमेल भेज रहा है लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि तकलाकोट व्यवस्था परखने गए पहले दल के व्यापारियों से संपर्क करना भी मुश्किल हो रहा है। वहां से व्यापारी 10 या 12 दिन बाद किसी तरह वॉट्सएप कॉल कर संपर्क कर रहे हैं। तकलाकोट गए व्यापारियों ने सूचना दी है कि वे भी दूसरे दल को अनुमति देने के लिए चीन प्रशासन से बात कर रहे हैं लेकिन फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में अन्य व्यापारियों का व्यापार के लिए तकलाकोट जाने का इंतजार कब खत्म होगा इसका किसी को पता नहीं है।
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इस बार के नियम पड़ रहे हैं भारी
ट्रेड अधिकारी आशीष जोशी ने कहा कि यह पहली बार है जब चीन प्रशासन ने व्यापार को लेकर नए नियम जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व तक ट्रेड पास हासिल करने वाले व्यापारी चीन की अनुमति मिलने के बाद अपनी मर्जी से सामान ले जा सकते थे। इस बार चीन ने बगैर सामान के ही व्यापारियों को तकलाकोट आने की अनुमति दी है। ऐसे में नए नियम व्यापारियों पर भारी पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में विदेश मंत्रालय से भी लगातार वार्ता की जा रही है।
व्यापारियों को हुई हैं दुकानें आवंटित
ट्रेड अधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि तकलाकोट गए व्यापारी वाई-फाई के जरिए वॉट्सएप से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि उन्हें नई मंडी में बड़े-बड़े कक्षों के रूप में दुकानें आवंटित हुई हैं। वे इन दुकानों में पार्टिशन कर रहे हैं। इसके बाद पहले से रखा सामान बेचेंगे। चीन प्रशासन की अनुमति के बाद ही व्यापारी नया सामान ले जा सकेंगे।