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एम्स : अंगदान से मिली 22 मरीजों को नई जिंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 19 Apr 2026 03:00 AM IST
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जीवन बचाने की जंग में एम्स के डॉक्टरों और अंगदान करने वाले परिवारों ने एक नई मिसाल पेश की है। एम्स में अंगदान मुहिम के तहत 22 सफल किडनी ट्रांसप्लांट और दो महादानियों द्वारा किए गए अंगदान ने चिकित्सा जगत को नई दिशा दी है।
एम्स के यूरोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर मित्तल ने बताया कि संस्थान में अप्रैल-2023 में किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके बाद से एम्स में लगातार किडनी डोनेशन व प्रत्यारोपण में इजाफा हुआ है। यह सतत रूप से जारी जनजागरूकता मुहिम का नतीजा है। वर्ष 2023 में अप्रैल व सितंबर माह में दो लोगों ने किडनी (गुर्दे) की बीमारी से ग्रसित अपने प्रियजनों को किडनी दान कर शेष जीवन को जीने में मदद की। वर्ष 2024 में कुल 06, वर्ष-2025 में 14 लोगों का सफलतापूर्वक गुर्दा प्रत्यारोपित किए गए।
एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि अंगदान एक महान और जीवनरक्षक कार्य है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति अपने अंगों को मृत्यु के बाद या कुछ परिस्थितियों में जीवित रहते हुए किसी अन्य व्यक्ति को दान कर सकता है। यह चिकित्सा विज्ञान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने असंख्य लोगों को नया जीवन प्रदान किया है।
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एक नजर
एम्स के आई बैंक में कुल 1246 कॉर्निया प्राप्त किए गए। 619 प्रत्यारोपित कॉर्निया और 308 कॉर्निया विभिन्न अस्पतालों में वितरित किए गए।
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एम्स में देहदान व संकल्प के आंकड़े
वर्ष 2012 से 2026 तक - 101
वर्ष 2025-26- 9 बॉडी डोनेट
संकल्पपत्र- वर्ष 2013-2026 तक 115
वर्ष 2025-26-में 06 संकल्पपत्र भरे गए
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ट्रांसपोर्ट इन्वॉल्विंग की शुरुआत
2018 से 2026 तक 54 डेड बॉडी ट्रांसपोर्ट, 03 विदेशी नागरिकों के शव भेजे, लंदन, कनाडा व सिंगापुर।
2025-26 में सर्वाधिक 26 डेड बॉडी भेजे गए।
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एम्स के यूरोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर मित्तल ने बताया कि संस्थान में अप्रैल-2023 में किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके बाद से एम्स में लगातार किडनी डोनेशन व प्रत्यारोपण में इजाफा हुआ है। यह सतत रूप से जारी जनजागरूकता मुहिम का नतीजा है। वर्ष 2023 में अप्रैल व सितंबर माह में दो लोगों ने किडनी (गुर्दे) की बीमारी से ग्रसित अपने प्रियजनों को किडनी दान कर शेष जीवन को जीने में मदद की। वर्ष 2024 में कुल 06, वर्ष-2025 में 14 लोगों का सफलतापूर्वक गुर्दा प्रत्यारोपित किए गए।
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एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि अंगदान एक महान और जीवनरक्षक कार्य है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति अपने अंगों को मृत्यु के बाद या कुछ परिस्थितियों में जीवित रहते हुए किसी अन्य व्यक्ति को दान कर सकता है। यह चिकित्सा विज्ञान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने असंख्य लोगों को नया जीवन प्रदान किया है।
एक नजर
एम्स के आई बैंक में कुल 1246 कॉर्निया प्राप्त किए गए। 619 प्रत्यारोपित कॉर्निया और 308 कॉर्निया विभिन्न अस्पतालों में वितरित किए गए।
एम्स में देहदान व संकल्प के आंकड़े
वर्ष 2012 से 2026 तक - 101
वर्ष 2025-26- 9 बॉडी डोनेट
संकल्पपत्र- वर्ष 2013-2026 तक 115
वर्ष 2025-26-में 06 संकल्पपत्र भरे गए
ट्रांसपोर्ट इन्वॉल्विंग की शुरुआत
2018 से 2026 तक 54 डेड बॉडी ट्रांसपोर्ट, 03 विदेशी नागरिकों के शव भेजे, लंदन, कनाडा व सिंगापुर।
2025-26 में सर्वाधिक 26 डेड बॉडी भेजे गए।
