{"_id":"6a04f038db18e517900af0c4","slug":"auto-drivers-daughter-achieved-success-rishikesh-news-c-5-1-drn1046-970808-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: ऑटो चालक की बेटी ने गाड़ा सफलता का झंडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: ऑटो चालक की बेटी ने गाड़ा सफलता का झंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 14 May 2026 03:12 AM IST
विज्ञापन
ऋषिकेश टॉपर इशिता सिंह को मिठाई खिलाते उनके माता-पिता। स्रोत जागरूक पाठक।
- फोटो : गोमतीनगर में निजी विद्यालय में अमर उजाला एवं गोमती नगर जन कल्याण समिति के सहयोग से अपराजिता कार्यक्रम।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी की छात्रा इशिता सिंह ने 98.4 फीसदी अंक प्राप्त कर ऋषिकेश में सबसे आगे हैं। इशिता का सपना न्यायाधीश बनना है। उनके पिता ननकु सिंह ऑटो चालक और मां गीता देवी गृहिणी हैं।
इशिता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं। उनका जन्म चौदहबीघा मुनि की रेती में हुआ था। वह अपने परिवार के साथ चौदहबीघा में किराए के मकान में रहती हैं। इशिता का एक छोटा भाई पांचवीं और छोटी बहन 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। विद्यालय द्वारा मिली निशुल्क ऑनलाइन पढ़ाई ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, परिजनों और शिक्षकों को दिया है।
-- -
शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन
इशिता सिंह ने विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने पेंटिंग में 100 अंक हासिल किए। इतिहास और राजनीति शास्त्र में उन्हें 98-98 अंक मिले। अंग्रेजी में 97, हिंदी में 99 और योग में 95 अंक प्राप्त किए।
-- -
इंस्टाग्राम व फेसबुक को समय की बर्बादी मानती हैं इशिता
इशिता सिंह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक से दूरी बनाए रखती हैं। उनका मानना है कि ये समय की बर्बादी हैं। संदेशों और अन्य जानकारियों के लिए वह केवल व्हाट्सएप का उपयोग करती हैं। उन्होंने अपने साथियों को परिश्रम करने का संदेश दिया। इशिता ने कहा कि परिश्रम करने से सफलता अवश्य कदम चूमेगी।
Trending Videos
इशिता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं। उनका जन्म चौदहबीघा मुनि की रेती में हुआ था। वह अपने परिवार के साथ चौदहबीघा में किराए के मकान में रहती हैं। इशिता का एक छोटा भाई पांचवीं और छोटी बहन 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। विद्यालय द्वारा मिली निशुल्क ऑनलाइन पढ़ाई ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, परिजनों और शिक्षकों को दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन
इशिता सिंह ने विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने पेंटिंग में 100 अंक हासिल किए। इतिहास और राजनीति शास्त्र में उन्हें 98-98 अंक मिले। अंग्रेजी में 97, हिंदी में 99 और योग में 95 अंक प्राप्त किए।
इंस्टाग्राम व फेसबुक को समय की बर्बादी मानती हैं इशिता
इशिता सिंह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक से दूरी बनाए रखती हैं। उनका मानना है कि ये समय की बर्बादी हैं। संदेशों और अन्य जानकारियों के लिए वह केवल व्हाट्सएप का उपयोग करती हैं। उन्होंने अपने साथियों को परिश्रम करने का संदेश दिया। इशिता ने कहा कि परिश्रम करने से सफलता अवश्य कदम चूमेगी।