{"_id":"69b5d35281f622d2ff0ff9e0","slug":"flowers-scattered-in-the-courtyard-rishikesh-news-c-5-1-drn1046-921903-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: घर-घर जाकर आंगन में बिखेरे फूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: घर-घर जाकर आंगन में बिखेरे फूल
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 15 Mar 2026 02:59 AM IST
विज्ञापन
उग्रसेन नगर में दहलीज पर फूल बिखराते रीवा नेगी और गौरांगी। स्रोत जागरूक पाठक।
Link Copied
विज्ञापन
उत्तराखंड की अनोखी लोक परंपरा का प्रतीक फूलदेई पर्व पारंपरिक रीति रिवाज के साथ शुरू हो गया है। नन्हे-मुन्नें बच्चों ने हाथों में छोटी छोटी टोकरियां थामे घर-घर जाकर घर के आंगन में फूल बिखेरे। साथ ही प्रकृति से सुख शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। शनिवार को हरिपुर कलां, रायवाला, श्यामपुर, छिद्दरवाला, गुमानीवाला, बापूग्राम, मुनि की रेती, ढालवाला आदि क्षेत्रों में बच्चों ने सुबह उठते ही घरों की दहलीज पर रंग बिरंगे फूल डालकर परंपराओं में रचे गीत फूलदेई छम्मा देई, देनी द्वार भर भकार, ये देहली ते बारम्बार नमस्कार..., गाते हुए घरों की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. राजे सिंह नेगी ने बताया कि चैत्र मास में मनाया जाने वाला फूलदेई पर्व प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है। फूलदेई संक्राति ऐसा उत्सव है, जिसमें बच्चे फ्योंली, बुरांश, आडू, खुमानी अन्य के फूलों को छोटी-छोटी रिंगाल की टोकरी में एक दिन पहले चुन कर लाते हैं। फूल संक्रांति के दिन बच्चे घर-घर घूमकर इसे आंगन में बिखेरते हैं। फूलदेई संक्रांति हमारी परंपरा से जुड़ा त्योहार है। हमें अपनी संस्कृति, सभ्यता और विरासत को सहेजने की जरूरत है। उन्होंने सभी लोगों से अपने लोक त्योहार और परंपराओं का निर्वहन करने की अपील की है।
Trending Videos
विज्ञापन
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।