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Rishikesh News: उपजिला चिकित्सालय में 15 दिन से फिजिशियन नहीं, ओपीडी से लेकर ऑपरेशन तक प्रभावित
Mon, 03 Aug 2026 05:18 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 03 Aug 2026 05:18 PM IST
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- रोजाना 150 से अधिक मेडिसिन मरीज हो रहे परेशान, शुगर और बीपी मरीजों की सर्जरी पर भी असर
- प्रोटोकॉल के चलते सर्जरी से पहले जरूरी है फिजिशियन की अनुमति
ऋषिकेश। राजकीय उपजिला चिकित्सालय में पिछले करीब 15 दिनों से फिजिशियन (मेडिसिन विशेषज्ञ) के नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर मेडिसिन ओपीडी के साथ ही शुगर और उच्च रक्तचाप (बीपी) से पीड़ित मरीजों के ऑपरेशन पर भी पड़ रहा है।
अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं जिनमें 150 से अधिक मरीज केवल फिजिशियन को दिखाने आते हैं। अस्पताल में दो वरिष्ठ जनरल सर्जन, एक ऑर्थोपेडिक सर्जन और एक नेत्र सर्जन तैनात हैं लेकिन चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत शुगर और बीपी मरीजों की सर्जरी से पहले फिजिशियन की ओर से स्वास्थ्य मूल्यांकन और अनुमति आवश्यक होती है। विशेषज्ञ के अभाव में ऐसे मरीजों के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं। फिजिशियन की अनुपस्थिति से बुखार, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सांस और अन्य आंतरिक रोगों के मरीज भी प्रभावित हैं। पिछले दो सप्ताह से ऐसे मरीजों को सामान्य चिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ रहा है या फिर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
फिजिशियन के दो पद, तैनाती एक पर भी नहीं
अस्पताल में फिजिशियन के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में एक भी पद पर तैनाती नहीं है। यहां तैनात एक मात्र फिजिशियन डॉ. अमित रौतेला का स्थानांतरण कर दिया गया था, उनके स्थान पर किसी प्रतिस्थानी को भी नहीं भेजा गया है। हालांकि डॉ. रौतेला को अभी अस्पताल से कार्यमुक्त नहीं किया गया है लेकिन डॉ. रौतेला ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है और इन दिनों वह मेडिकल अवकाश पर हैं।
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- फिजिशियन की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अस्पताल में जल्द फिजिशियन की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। मरीजों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं। डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस।
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- प्रोटोकॉल के चलते सर्जरी से पहले जरूरी है फिजिशियन की अनुमति
ऋषिकेश। राजकीय उपजिला चिकित्सालय में पिछले करीब 15 दिनों से फिजिशियन (मेडिसिन विशेषज्ञ) के नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर मेडिसिन ओपीडी के साथ ही शुगर और उच्च रक्तचाप (बीपी) से पीड़ित मरीजों के ऑपरेशन पर भी पड़ रहा है।
अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं जिनमें 150 से अधिक मरीज केवल फिजिशियन को दिखाने आते हैं। अस्पताल में दो वरिष्ठ जनरल सर्जन, एक ऑर्थोपेडिक सर्जन और एक नेत्र सर्जन तैनात हैं लेकिन चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत शुगर और बीपी मरीजों की सर्जरी से पहले फिजिशियन की ओर से स्वास्थ्य मूल्यांकन और अनुमति आवश्यक होती है। विशेषज्ञ के अभाव में ऐसे मरीजों के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं। फिजिशियन की अनुपस्थिति से बुखार, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सांस और अन्य आंतरिक रोगों के मरीज भी प्रभावित हैं। पिछले दो सप्ताह से ऐसे मरीजों को सामान्य चिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ रहा है या फिर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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फिजिशियन के दो पद, तैनाती एक पर भी नहीं
अस्पताल में फिजिशियन के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में एक भी पद पर तैनाती नहीं है। यहां तैनात एक मात्र फिजिशियन डॉ. अमित रौतेला का स्थानांतरण कर दिया गया था, उनके स्थान पर किसी प्रतिस्थानी को भी नहीं भेजा गया है। हालांकि डॉ. रौतेला को अभी अस्पताल से कार्यमुक्त नहीं किया गया है लेकिन डॉ. रौतेला ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है और इन दिनों वह मेडिकल अवकाश पर हैं।
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- फिजिशियन की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अस्पताल में जल्द फिजिशियन की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। मरीजों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं। डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस।