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Rishikesh News: एयरपोर्ट के 20 किमी की परिधि में निर्माण कार्यों के लिए एनओसी जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 06 Feb 2026 02:54 AM IST
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एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर की परिधि में भवन, दुकान, होटल या किसी भी तरह के व्यापारिक प्रतिष्ठानों के निर्माण कार्य से पहले भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी है। बिना एनओसी के निर्माण कार्यों पर कभी भी कार्रवाई की जा सकती है।
हाल ही में एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में एयरोड्रोम सेफगार्डिंग कमेटी द्वारा निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान कमेटी ने पाया कि एयरपोर्ट के आसपास आवासीय और व्यावसायिक निर्माण कार्य बिना एनओसी के किए जा रहे हैं। जबकि एयरक्राफ्ट एक्ट 1934, अनुच्छेद 9ए के अनुसार एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर की परिधि के भीतर ऊंचाई प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्माण से पूर्व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य है।
पिछले कुछ वर्षो से एयरपोर्ट के चारों तरफ तेजी से निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। मकान, दुकान, होटल, व्यापारिक प्रतिष्ठान आदि बनाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट के चारों तरफ घनी आबादी बस चुकी हैं। एयरपोर्ट पर दिन प्रतिदिन उड़ानों की संख्या बढ़ रही है।
वहीं एयरपोर्ट पर चौबीसों घंटे उड़ानें शुरू किए जाने पर भी विचार किया जा रह है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी देहरादून एयरपोर्ट पर रात्रि सेवाएं शुरू करने के लिए कई बार कह चुके हैं। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ के समय विमान काफी नीचे रहते हैं। खासकर खराब मौसम या रनवे पर किसी दिक्कत के कारण पायलट को कई बार रनवे के काफी करीब आने के बावजूद विमानों को बिना लैंडिंग के ऊपर उठाना होता है। ऐसे समय में ऊंचे निर्माण उड़ानों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
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एयरपोर्ट की एनओसी के लिए यहां करें आवेदन
एयरपोर्ट की एनओसी लेने और उसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट www.aai.aero और पोर्टल https://nocas2.aai.aero/nocas का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की कमेटी ने एयरपोर्ट के चारों तरफ निरीक्षण के बाद पाया है कि एयरपोर्ट से एनओसी लिए बिना ही निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। जिनसे भविष्य में विमानों को खतरा पैदा हो सकता है। इसके लिए प्रशासन और उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई है। 20 किलोमीटर की परिधि में निर्माण कार्यों के लिए एनओसी ली जानी जरूरी है। - भूपेश सीएच नेगी, एयरपोर्ट निदेशक
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हाल ही में एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में एयरोड्रोम सेफगार्डिंग कमेटी द्वारा निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान कमेटी ने पाया कि एयरपोर्ट के आसपास आवासीय और व्यावसायिक निर्माण कार्य बिना एनओसी के किए जा रहे हैं। जबकि एयरक्राफ्ट एक्ट 1934, अनुच्छेद 9ए के अनुसार एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर की परिधि के भीतर ऊंचाई प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्माण से पूर्व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य है।
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पिछले कुछ वर्षो से एयरपोर्ट के चारों तरफ तेजी से निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। मकान, दुकान, होटल, व्यापारिक प्रतिष्ठान आदि बनाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट के चारों तरफ घनी आबादी बस चुकी हैं। एयरपोर्ट पर दिन प्रतिदिन उड़ानों की संख्या बढ़ रही है।
वहीं एयरपोर्ट पर चौबीसों घंटे उड़ानें शुरू किए जाने पर भी विचार किया जा रह है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी देहरादून एयरपोर्ट पर रात्रि सेवाएं शुरू करने के लिए कई बार कह चुके हैं। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ के समय विमान काफी नीचे रहते हैं। खासकर खराब मौसम या रनवे पर किसी दिक्कत के कारण पायलट को कई बार रनवे के काफी करीब आने के बावजूद विमानों को बिना लैंडिंग के ऊपर उठाना होता है। ऐसे समय में ऊंचे निर्माण उड़ानों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
एयरपोर्ट की एनओसी के लिए यहां करें आवेदन
एयरपोर्ट की एनओसी लेने और उसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट www.aai.aero और पोर्टल https://nocas2.aai.aero/nocas का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की कमेटी ने एयरपोर्ट के चारों तरफ निरीक्षण के बाद पाया है कि एयरपोर्ट से एनओसी लिए बिना ही निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। जिनसे भविष्य में विमानों को खतरा पैदा हो सकता है। इसके लिए प्रशासन और उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई है। 20 किलोमीटर की परिधि में निर्माण कार्यों के लिए एनओसी ली जानी जरूरी है। - भूपेश सीएच नेगी, एयरपोर्ट निदेशक
