{"_id":"6a7081a9de931c66480eb1d2","slug":"rishikesh-was-filled-with-shivas-presence-from-dawn-to-dusk-rishikesh-news-c-38-1-rks1008-144578-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: भोर से शाम तक शिवमय रहा ऋषिकेश, उमड़ा आस्था का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: भोर से शाम तक शिवमय रहा ऋषिकेश, उमड़ा आस्था का सैलाब
Mon, 03 Aug 2026 05:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 03 Aug 2026 05:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- सावन सोमवार पर सोमेश्वर, चंद्रेश्वर, वीरभद्र और भूतनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 3 बजे खुले मंदिरों के कपाट, शुरू हुआ जलाभिषेक
फाेटो।
संवाद न्यूज एजेंसी।
ऋषिकेश। हर-हर महादेव के उद्घोष और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच सोमवार को ऋषिकेश के शिवालय शिवभक्ति से सराबोर नजर आए। तड़के मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही हाथों में गंगाजल, बेलपत्र और पुष्प लिए हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े। पूरे दिन मंदिर परिसर आस्था और श्रद्धा से गुलजार रहे।
सोमेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, वीरभद्र महादेव और भूतनाथ सहित तमाम शिवालयों में भक्तों की कतारें देखी गईं। सुबह ब्रह्म मुहूर्त 3 बजे पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक शुरू कर दिया। हाथों में गंगाजल, फूल और बेलपत्र लेकर लोग शिवलिंग को समर्पित करने पहुंचे। दिनभर चले जलाभिषेक के बाद शाम को सभी मंदिरों में विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। दीपों की रोशनी से मंदिर जगमगा उठे। घंटों और शंखों की ध्वनि से पूरा माहौल शिवमय हो गया।
सावन के सोमवार का महत्व को देखते हुए मंदिर समितियों ने रात से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। सोमेश्वर महादेव मंदिर में सबसे पहले सुबह 3 बजे आरती हुई। इसके बाद भक्तों को दर्शन के लिए प्रवेश दिया गया। यहां स्थानीय महिलाओं ने समूह में भजन गाते हुए जल चढ़ाया। वहीं वीरभद्र महादेव मंदिर में भी पूरे दिन रुद्राभिषेक का दौर चलता रहा। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग का अभिषेक कराया। दिनभर की सबसे ज्यादा भीड़ भूतनाथ मंदिर में रही। यहां दूर दराज के पर्यटक भी प्राचीन शिवालय के दर्शन करने पहुंचते हैं।
विज्ञापन
बाजारों में भी रौनक
शिवालयों के आसपास के बाजार भी भक्तिमय हो गए। दुकानों पर शिव तांडव और भोले के भजन बजते रहे। होटल और धर्मशालाओं में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही रही।
विज्ञापन
- ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 3 बजे खुले मंदिरों के कपाट, शुरू हुआ जलाभिषेक
फाेटो।
संवाद न्यूज एजेंसी।
ऋषिकेश। हर-हर महादेव के उद्घोष और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच सोमवार को ऋषिकेश के शिवालय शिवभक्ति से सराबोर नजर आए। तड़के मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही हाथों में गंगाजल, बेलपत्र और पुष्प लिए हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े। पूरे दिन मंदिर परिसर आस्था और श्रद्धा से गुलजार रहे।
सोमेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, वीरभद्र महादेव और भूतनाथ सहित तमाम शिवालयों में भक्तों की कतारें देखी गईं। सुबह ब्रह्म मुहूर्त 3 बजे पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक शुरू कर दिया। हाथों में गंगाजल, फूल और बेलपत्र लेकर लोग शिवलिंग को समर्पित करने पहुंचे। दिनभर चले जलाभिषेक के बाद शाम को सभी मंदिरों में विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। दीपों की रोशनी से मंदिर जगमगा उठे। घंटों और शंखों की ध्वनि से पूरा माहौल शिवमय हो गया।
विज्ञापन
सावन के सोमवार का महत्व को देखते हुए मंदिर समितियों ने रात से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। सोमेश्वर महादेव मंदिर में सबसे पहले सुबह 3 बजे आरती हुई। इसके बाद भक्तों को दर्शन के लिए प्रवेश दिया गया। यहां स्थानीय महिलाओं ने समूह में भजन गाते हुए जल चढ़ाया। वहीं वीरभद्र महादेव मंदिर में भी पूरे दिन रुद्राभिषेक का दौर चलता रहा। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग का अभिषेक कराया। दिनभर की सबसे ज्यादा भीड़ भूतनाथ मंदिर में रही। यहां दूर दराज के पर्यटक भी प्राचीन शिवालय के दर्शन करने पहुंचते हैं।
विज्ञापन
बाजारों में भी रौनक
शिवालयों के आसपास के बाजार भी भक्तिमय हो गए। दुकानों पर शिव तांडव और भोले के भजन बजते रहे। होटल और धर्मशालाओं में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही रही।